लाडली बहन योजना को लेकर सियासत गरमाई, जानें कैसे तय होता है पैसा मिलेगा या नहीं
Ladli Behna Yojana: लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई एक महत्त्वपूर्ण योजना है. इसे मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के नाम से भी जाना जाता है.
Ladli Behna Yojana: लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई एक महत्त्वपूर्ण योजना है. इसे मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के नाम से भी जाना जाता है. योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाना, उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार लाना और परिवार में उनके निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाना है. लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार के महिला सशक्तीकरण के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह योजना आर्थिक स्वतंत्रता के साथ महिलाओं के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है.
लाडली बहन योजना को लेकर शुरू हुई सियासत
हालांकि अब इस योजना को लेकर सियासत शुरू हो गई है जिसको लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक पोस्ट भी किया है. उमंग सिंघार ने अपनी पोस्ट में मौजूदा सरकार के उस फैसले पर निशाना साधा है जिसमें मोहन यादव सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने वालों की पात्रता और अपात्रता की जांच कर सूची बैंकों में भेजने की बात कही है. ऐसे में आइये एक बार समझते हैं कि लाडली बहन योजना क्या है, इससे क्या लाभ मिलते हैं और साथ ही इसका फायदा उठाने के लिए पात्रता और अपात्रता क्या है.
लाडली बहन योजना के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
पात्र महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. यह राशि सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है. यह राशि परिवार के खर्चों में सहायता कर सकती है, शिक्षा और स्वास्थ्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित कर सकती है.
लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश के लिए पात्रता (Eligibility) क्या है?
मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी होना: आवेदनकर्ता का जन्म मध्य प्रदेश में हुआ होना चाहिए.
21 से 60 वर्ष की आयु के बीच होना: आवेदन के कैलेंडर वर्ष में, 01 जनवरी की स्थिति में आपकी आयु 21 वर्ष पूर्ण हो चुकी हो और 60 वर्ष से कम हो.
विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला होना: इस योजना में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं सभी शामिल हैं.
आय सीमा से नीचे होना: आवेदन करने वाले परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए.
आयकर दाता नहीं होना: आवेदनकर्ता या परिवार का कोई अन्य सदस्य आयकर दाता नहीं होना चाहिए.
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में अधिक राशि नहीं मिलना: यदि किसी परिवार की 60 वर्ष से कम आयु की महिला को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में प्रतिमाह राशि रूपये 1000/- से कम जितनी राशि प्राप्त हो रही हो तो उसे उसी राशि तक पूर्ति की जाएगी.
बैंक खाता होना: लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदनकर्ता के पास आधार से लिंक्ड बैंक खाता होना अनिवार्य है.
लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश के लिए कैसे लोग अपात्र (Ineligibility) होते हैं?
सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी होना: योजना में सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी महिलाएं शामिल नहीं हैं.
व्यवसाय या पेशेवर आय होना: यदि परिवार की कोई महिला खुद का व्यवसाय करती है या किसी पेशे में नियोजित है और उसकी पर्याप्त आय है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी.
आयकर दाता होना: आयकर दाता या ऐसे परिवार का सदस्य जिसका एक सदस्य आयकर दाता हो, इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता.
दूसरी किसी सामाजिक सुरक्षा योजना से अधिक लाभ मिलना: यदि किसी परिवार की महिला को सरकार की किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना से पहले से ही पर्याप्त लाभ मिल रहा है, तो वह लाडली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होगी.
निरंतर आय का स्रोत होना: यदि परिवार के पास निरंतर आय का कोई स्रोत है, जैसे कि कृषि भूमि से या किराए से प्राप्त आमदनी, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी.
यह ध्यान रखें कि यह सिर्फ एक सामान्य जानकारी है और योजना की पात्रता और अपात्रता के लिए विस्तृत नियम और शर्तें हो सकती हैं. नवीनतम जानकारी के लिए मध्य प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित कार्यालय से संपर्क करना सबसे अच्छा है.