पत्रकारों के लिए योगी सरकार की बड़ी सौगात, यूपी में मान्यता प्राप्त मीडिया कर्मियों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने का बड़ा ऐलान किया है.

ANI
Reepu Kumari

गोरखपुर में सोमवार को गोरखपुर पत्रकार प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकार समुदाय के लिए राहत भरी घोषणा की. उन्होंने कहा कि पत्रकार अक्सर दूसरों की समस्याओं को उठाते हैं लेकिन खुद परेशानी में पड़ने पर सहारा कम मिलता है. इस स्थिति को बदलते हुए सरकार मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है. यह कदम पत्रकारों को आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने और उन्हें बिना चिंता के काम करने का मौका देगा.

पत्रकारों की पहचान और सुरक्षा पर जोर

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदार और सही पत्रकारों को मान्यता प्रमाणपत्र तथा आई-कार्ड दिए जाएंगे. इससे उनकी पहचान साफ होगी और काम करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी. सरकार के लिए भी ऐसे पत्रकारों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ना आसान हो जाएगा. उन्होंने जोर दिया कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसे मजबूत रखना हर किसी की जिम्मेदारी है.

कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि बड़े मीडिया घरानों से जुड़े पत्रकारों को सुविधाएं मिल जाती हैं, लेकिन छोटे स्तर पर काम करने वाले कई पत्रकार इससे वंचित रह जाते हैं. सरकार का प्रयास है कि सभी को एक समान मंच पर लाकर कैशलेस इलाज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. गोरखपुर प्रेस क्लब के माध्यम से इस व्यवस्था को तैयार किया जा रहा है ताकि बीमारी के समय कोई आर्थिक परेशानी न हो.

सभी पत्रकारों को शामिल करने की योजना

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पत्रकार सुविधाओं से बाहर न रहे. चाहे वह किसी बड़े संस्थान से जुड़ा हो या स्वतंत्र रूप से काम कर रहा हो, सबको लाभ मिले. कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के अलावा आवास योजनाओं जैसी अन्य कल्याणकारी योजनाओं को भी पत्रकारों तक पहुंचाने पर काम चल रहा है. इससे पत्रकार समुदाय में उत्साह बढ़ा है.

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे

इस मौके पर सीएम योगी ने याद दिलाया कि इस वर्ष हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे हो रहे हैं. 30 मई 1826 को 'उदंत मार्तण्ड' नामक पहले हिंदी अखबार की शुरुआत हुई थी. तब से अब तक हिंदी पत्रकारिता ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि ऐसी पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना जरूरी है जो सकारात्मक और जिम्मेदार हो.

पत्रकारों के कल्याण पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अपील की कि वे तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग करें और जनता को भ्रमित न होने दें. सरकार की ओर से पत्रकारों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. कैशलेस इलाज की यह सुविधा लागू होने के बाद पत्रकार बिना किसी आर्थिक चिंता के अपना पेशा निभा सकेंगे.