गणतंत्र दिवस के दिन बाहर जाना है? स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट के बारे में जानें, पहली बार पार्किंग और हेल्प डेस्क की नई सुविधा
गणतंत्र दिवस 2026 पर पहली बार दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दर्शकों की सुविधा के लिए स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन लागू किया है. इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य परेड देखने वालों को परेशानी रहित अनुभव देना है.
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस और बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान कर्तव्य पथ पर पहुंचने वाले दर्शकों के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस बार नई तकनीक और स्मार्ट व्यवस्था का प्रयोग किया है. पार्किंग की उलझन से लेकर मौके पर मदद तक, कई सुविधाएं पहली बार लागू की गई हैं.
इन नए इंतजामों से दर्शकों को समय की बचत होगी और ट्रैफिक दबाव कम होगा, जिससे गणतंत्र दिवस समारोह का अनुभव और भी सुविधाजनक और आनंददायक बन सकेगा.
गूगल मैप के जरिए पार्किंग की जानकारी
नई व्यवस्थाओं में गूगल मैप के जरिए पार्किंग की जानकारी उपलब्ध कराना, 12 हेल्प डेस्क का संचालन और लोकेशन आधारित कॉलिंग सिस्टम शामिल हैं. समारोह के बाद वाहनों की भीड़ नियंत्रित करने के लिए ड्राइवरों को सीधे उनके वाहन के स्थान की जानकारी दी जाएगी. साथ ही ट्रैफिक पुलिस स्टाफ के लिए शटल बस सेवा भी शुरू की जा रही है, ताकि उन्हें लंबी दूरी पैदल न तय करनी पड़े और कार्यक्षमता बेहतर बनी रहे.
समस्या अक्सर परेशानी का कारण
गणतंत्र दिवस पर दर्शकों के लिए पार्किंग की समस्या अक्सर परेशानी का कारण बनती है. इस बार दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गूगल मैप के जरिए पार्किंग स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराई है. दर्शक सीधे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग एरिया तक पहुंच सकते हैं. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और समारोह स्थल पर व्यवधान नहीं होगा.
12 हेल्प डेस्क
कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में 12 हेल्प डेस्क लगाए गए हैं. इन हेल्प डेस्क पर तैनात स्टाफ दर्शकों को दिशा-निर्देश देने के साथ-साथ परेड समाप्त होने के बाद उनके वाहनों तक पहुंचने में मदद करेंगे. मोती लाल नेहरू प्लेस, सुनहरी मस्जिद गोल चक्कर, मान सिंह चौक और अन्य प्रमुख स्थलों पर ये हेल्प डेस्क कार्यरत रहेंगे.
ट्रैफिक जाम से निपटने का इंतजाम
समारोह समाप्त होने के बाद ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से निपटने के लिए लोकेशन आधारित कॉलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा. इस सिस्टम के तहत ड्राइवरों को फोन के माध्यम से जानकारी दी जाएगी कि उन्हें अपनी गाड़ी किस बिंदु पर ले जाना है. इस तरह परेड स्थल पर लोगों की भीड़ नियंत्रित रहेगी और वाहन आसानी से निकल पाएंगे.
पहली बार शटल बस सेवा शुरू
ट्रैफिक पुलिस स्टाफ की सुविधा के लिए पहली बार शटल बस सेवा शुरू की गई है. इससे ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को नॉर्थ और साउथ जोन के बीच पैदल लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी. शटल बस सेवा से स्टाफ की कार्यक्षमता बढ़ेगी और वे अपनी जिम्मेदारी अधिक कुशलतापूर्वक निभा सकेंगे.
नई दिल्ली रेंज के डीसीपी ट्रैफिक राजीव कुमार का कहना है कि इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य गणतंत्र दिवस पर दर्शकों और ट्रैफिक स्टाफ को सुविधा प्रदान करना है. स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट से समारोह स्थल पर ट्रैफिक संचालन सुचारू रहेगा और दर्शक बिना किसी परेशानी के परेड का आनंद ले सकेंगे.