ट्रेन में रील्स देखना और तेज गाने बजाना पड़ेगा भारी! रेलवे के नए नियम जान लें, वरना लगेगा जुर्माना

ट्रेन में तेज आवाज में गाने सुनना, रील्स देखना या मोबाइल पर ऊंची आवाज में बात करना अब यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है.

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Reepu Kumari

Indian Railways Rules: ट्रेन का सफर लंबा हो या छोटा, यात्री चाहते हैं कि उन्हें सीट पर आराम मिले और सफर शांतिपूर्ण रहे. लेकिन कई बार मोबाइल पर तेज आवाज में गाने सुनने, वीडियो देखने या बिना इयरफोन के रील्स चलाने से दूसरे यात्रियों को परेशानी होती है. खासकर एसी कोच में ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं. अब इस समस्या पर रेलवे की सख्ती को लेकर चर्चा तेज है. यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे शोर से जुड़े नियमों और उनके उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई को समझें.

कार्रवाई का प्रावधान

दी गई जानकारी के अनुसार, दक्षिण रेलवे ने रेलवे अधिनियम की धारा 145(2) के तहत कार्रवाई का प्रावधान बताया है. इसमें तेज आवाज में संगीत चलाने और दूसरे यात्रियों को परेशान करने वाले व्यवहार पर जुर्माने से लेकर जेल तक की बात कही गई है. हालांकि, किसी खास मामले में कार्रवाई संबंधित नियमों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगी. 

पहली बार गलती करने पर कितना जुर्माना?

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ट्रेन में तेज आवाज में संगीत चलाने या वीडियो देखने से दूसरों को परेशान करने पर पहली बार 1,000 रुपये के जुर्माने की कार्रवाई का दावा किया गया है. साथ ही यात्री को ट्रेन से उतारने और टिकट जब्त करने की बात भी कही गई है. यात्रियों को यह समझना चाहिए कि किसी भी कार्रवाई की वास्तविक स्थिति लागू नियमों और रेलवे अधिकारियों की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी. इसलिए सफर के दौरान अनावश्यक शोर से बचना बेहतर है.


चेतावनी के बाद भी नहीं माने तो बढ़ सकती है मुश्किल

दी गई जानकारी में दावा किया गया है कि चेतावनी के बाद भी यात्री ने शोर करना बंद नहीं किया, तो छह महीने तक की जेल या 5,000 रुपये का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं. इसमें टिकट जांच कर्मचारियों को कार्रवाई का अधिकार दिए जाने की बात भी कही गई है. रेलवे यात्रियों को जागरूक करने के लिए स्टेशनों पर घोषणाएं और नोटिस लगाने की योजना भी बता रहा है. हालांकि, इन दंडों और प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि करना जरूरी है.

AC कोच में तेज आवाज की शिकायतें क्यों बढ़ीं?

रेलवे बोर्ड को ऐसी शिकायतें मिलती रही हैं कि कुछ यात्री मोबाइल पर ऊंची आवाज में बात करते हैं, लंबी बातचीत करते हैं या तेज और आपत्तिजनक रिंगटोन बजाते हैं. इससे आसपास बैठे यात्रियों की नींद और आराम प्रभावित होता है. वर्ष 2012 में भी रेलवे बोर्ड ने यात्रियों को शांति बनाए रखने से जुड़े निर्देश दिए थे.