सैकड़ों साल पहले इस देश में सामने आई थी समलैंगिकता, इस तरह बना जुर्म

Homosexuality : हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सेम सेक्स मैरिज यानी समलैंगिक विवाह को लेकर मंजूरी देने से इनकार कर दिया है. वहीं इसके साथ ही देश के कई हिस्सों के साथ ही दुनिया के कई देशों में समलैंगिक विवाह को लेकर बहस चल रही है.

Suraj Tiwari

Homosexuality : हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सेम सेक्स मैरिज यानी समलैंगिक विवाह को लेकर एक निर्णय सुनाया है. इस निर्णय में देश की सर्वोच्च अदालत ने समलैंगिक विवाह की मंजूरी देने से इनकार कर दिया है. वहीं इसके साथ ही देश के कई हिस्सों के साथ ही दुनिया के कई देशों में समलैंगिक विवाह को लेकर बहस चल रही है. वहीं कुछ देश समलैंगिक विवाह को मंजूरी दे चुके हैं. लेकिन दुनिया के ज्यादातर देश अभी भी समलैंगिक विवाह को मान्यता नहीं दिए हैं.

तूफान की वजह नीदरलैंड में हुई शुरूआत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 350 साल पहले समलैंगिक नामक कोई पहली बार लोगों के सामने आई थी. बताया जाता है कि 1674 में उत्तर-पश्चिम यूरोप में एक भयंकर तूफान आया था. जिसके वजह से कई देश तबाह हो गए थे. इन्हीं देशों में से नीदरलैंड के यूट्रेक्ट शहर में भी तूफान ने जमकर तबाही मचाई थी. जिसके वजह से कई इमारते और बिल्डिंग खंडहर हो गई थी. मीडिया रिपोर्ट बताती है कि इन्हीं खंडहर इमारतों में समलैंगिक आकर मिलते थी. जिसको किसी को खबर नहीं होती थी.

पादरियों ने किया था विरोध

कई सालों बाद जब इसाईयों और पादरियों को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने इसका जमकर विरोध किया. जिसके बाद से समलैंगिक को बुरा माना जाने लगा. साथ ही समलैंगिक लोगों के लिए सजा की भी शुरूआत हो गई. 
वर्तमान समय में दुनिया के 34 देशों में समलैंगिक विवाह को मान्यता मिली हुई है. इन देशों में 10 मुस्लिम देश भी हैं, हालांकि इन देशों में समलैंगिक कपल्स को आम नागरिकों की तरह सभी अधिकार नहीं दिए गए हैं.

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