अपील के बाद एक्शन मोड में केंद्र सरकार, सोना-चांदी पर बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी; आम आदमी के जेब पर क्या होगा असर?
केंद्र सरकार की ओर से सोना-चांदी समेत अन्य धातुओं को लेकर बड़े फैसला लिया गया है. सरकार की ओर से इनपर लगने वाले कस्टम ड्यूटी को बढ़ा दिया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी कुछ दिनों के अंदर दो बार लोगों से सोना ना खरीदने की अपील की थी. इसके बाद अब केंद्र सरकार की ओर से इस मामले पर बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार ने सोना-चांदी और दूसरी धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की घोषणा कर दी है.
केंद्र सरकार की ओर से इंपोर्ट ड्यूटी अब 15 प्रतिशत कर दिया गया है. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक यह नया टैक्स आज यानी 13 मई से लागू कर दिया गया है. जिसेक बाद से अब सोना-चांदी के साथ-साथ प्लैटिनम समेत अन्य धातुओं के दाम बढ़ गए हैं.
सोना पर पहले भी था इतना इंपोर्ट ड्यूटी
सोना पर केंद्र सरकार द्वारा पहले 6 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी ली जा रही थी. जिसे अब बढ़ाकर सीधा 15 प्रतिशत कर दिया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि विदेशों से आने वाले सोना पर सरकार अब टैक्स ज्यादा लेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024 में बजट भाषण को दौरान गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी कम करने का ऐलान किया था.
उस समय भी बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी और एआईडीसी मिलकर सोना पर 15 फिसदी का इंपोर्ट टैक्स था, जिसे 6 फीसदी पर कर दिया गया था. जिससे सोना काफी सस्ता हो गया था. लेकिन अब वापस से पुराने टैक्स ड्यूटी को लागू कर दिया गया है. अब आइए जानते हैं कि ऐसा करने से किसको कितना फायदा और किसको कितना नुकसाना होगा.
इंपोर्ट ड्यूटी के बढ़ाने से सरकार का क्या फायदा?
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम और सोना के रेट बढ़ गए हैं. जैसा की मैने पहले भी बताया कि भारत दूसरे देशों से व्यापार रुपये में नहीं बल्कि डॉलर में करता है. इसके साथ-साथ यह भी बताया था कि भारत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल दूसरे देशों से आता है.
ऐसे में भारत तेल खरीदने के लिए तेजी से अपने फॉरेक्स रिजर्व कम कर रहा है. दूसरी ओर डॉलर अभी मजबूत स्थिति में है, जिसका सीधा असर रुपये पर पड़ रहा है. इन सभी परेशानियों से निकलने के लिए भारत के पास अभी एक मात्र यही ऑप्शन है कि तेल और सोना इंपोर्ट करना कम कर दे. जिससे फॉरेक्स रिजर्व बचेंगे और रुपया भी मजबूत बना रहेगा. इसी वजह से पीएम मोदी ने लोगों से अभी एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील की थी. हालांकि इस अपील का ज्यादा असर नजर ना आने पर आज से इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दिया गया है.
आम नागरिकों की जेब पर क्या होगा असर?
कस्टम ड्यूटी के बढ़ने से सरकार की चिंता थोड़ी कम होगी. लोग सोन-खरीदना थोड़ा कम करेंग और सरकार को टैक्स ज्यादा देंगे. जिससे फॉरेक्स रिजर्व को थोड़ा कंट्रोल करने में मदद मिलेगी. ऐसा करना देश के लिए लॉन्ग टर्म में लाभकारी साबित होगा. क्योंकि जिस देश के पास जितना ज्यादा फॉरेक्स रिजर्व होता है, उस देश की इज्जत उतनी ज्यादा होती और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना दबदबा कामय रखता है. साथ ही भविष्य में आने वाली परेशानियों के लिए भी देश थोड़ा तैयार रहता है.
सरकार के इस फैसले का असर सबसे ज्यादा उन आम जनता पर पड़ेगा जिसके लिए सोना खरीदना जरूरी हो. भारत की शादियों में सोना खरीदना सबसे जरूरी होता है. ऐसे में लोग अगर कम सोना भी खरीदते हैं तो इसका सीधा असर उनके जेब पर पड़ेगा. गोल्ड कारोबारी के लिए भी यह परेशानी की बात हो सकती है क्योंकि जैसे ही दाम बढ़ेंगे ग्राहकों की संख्या कम हो जाएगी और उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा.