EPFO का बड़ा सुरक्षा कवच, वेतनभोगी कर्मचारियों को 7 लाख रुपये तक का बीमा लाभ; जानिए नियम
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा संचालित ईडीएलआई योजना वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण बीमा सुरक्षा प्रदान करती है.
नई दिल्ली: निजी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए ईडीएलआई योजना एक मजबूत सुरक्षा ढाल की तरह काम करती है. यह योजना सुनिश्चित करती है कि असमय मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके. कर्मचारी के ईपीएफ खाते से जुड़ी यह सुविधा बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम के उपलब्ध होती है.
हाल के वर्षों में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने ईडीएलआई योजना में कई अहम संशोधन किए हैं. इन बदलावों का उद्देश्य अधिक से अधिक परिवारों को बीमा लाभ के दायरे में लाना है. इससे उन मामलों में भी राहत मिली है, जहां पहले तकनीकी कारणों से दावा अस्वीकार कर दिया जाता था.
ईडीएलआई योजना के तहत न्यूनतम और अधिकतम लाभ
ईपीएफओ के दस्तावेजों के अनुसार ईडीएलआई योजना के तहत बीमा लाभ 2.50 लाख रुपये से कम नहीं हो सकता. वहीं अधिकतम बीमा कवर की सीमा 7.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है. यह राशि कर्मचारी की सेवा अवधि और वेतन से जुड़े मानकों के आधार पर तय की जाती है. इस प्रावधान से कर्मचारियों के परिवार को निश्चित आर्थिक सहायता मिलती है.
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कम सेवा अवधि में मृत्यु पर मिलने वाला लाभ
यदि किसी ईपीएफ सदस्य की मृत्यु एक वर्ष की निरंतर सेवा पूरी होने से पहले हो जाती है, तो भी उसके परिवार को न्यूनतम 50,000 रुपये का बीमा लाभ दिया जाता है. यह संशोधन फरवरी में लागू किया गया था. मंत्रालय के अनुसार इससे हर साल हजारों मामलों में परिवारों को पहले से अधिक सहायता मिल सकेगी.
गैर-अंशदायी अवधि के बाद भी मिलेगा बीमा कवर
अगर कर्मचारी की मृत्यु अंतिम अंशदान के छह महीने के भीतर हो जाती है और उसका नाम रजिस्टर से नहीं हटाया गया है, तो ईडीएलआई लाभ देय होगा. पहले ऐसे मामलों को सेवाकाल में मृत्यु नहीं मानते हुए दावा खारिज कर दिया जाता था. नए नियमों से इस समस्या का समाधान हुआ है.
सेवा निरंतरता से जुड़े नियमों में राहत
EDLI योजना में किए गए संशोधन के बाद दो नौकरियों के बीच दो महीने तक का अंतराल भी निरंतर सेवा माना जाएगा. इससे पहले एक या दो दिन के अंतराल के कारण भी कर्मचारी बीमा लाभ से वंचित हो जाते थे. इस बदलाव से अधिक कर्मचारियों के परिवार ईडीएलआई लाभ के पात्र बन सकेंगे.
ईडीएलआई दावा प्रक्रिया और जरूरी फॉर्म
ईडीएलआई योजना के तहत दावा करने के लिए नामांकित व्यक्ति को फॉर्म 5 आईएफ भरना होता है. प्रत्येक दावेदार को अलग फॉर्म जमा करना अनिवार्य है. यदि दावेदार नाबालिग है, तो उसके अभिभावक द्वारा फॉर्म भरा जाएगा. सभी दस्तावेज पूरे होने पर आयुक्त को दावा मिलने के 20 दिनों के भीतर भुगतान किया जाता है.