सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 8वें वेतन आयोग में बड़ा बदलाव संभव; DA मर्जर की मांग तेज

8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने डीए को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग की है. इससे वेतन, पेंशन और अन्य भत्तों पर बड़ा असर पड़ सकता है.

Pinterest
Km Jaya

नई दिल्ली: आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और इस बीच केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता यानी डीए को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाए, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा मिल सकता है.

केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने के लिए नियमित अंतराल पर महंगाई भत्ता बढ़ाती है. आमतौर पर साल में दो बार डीए में संशोधन किया जाता है. यह बढ़ोतरी महंगाई के आंकड़ों के आधार पर तय होती है ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे.

सरकार से क्या रखी गई है नई मांग?

अब अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी संघ समेत कई कर्मचारी संगठनों ने आठवें वेतन आयोग की परामर्श प्रक्रिया के दौरान सरकार से नई मांग रखी है. उनका कहना है कि बीते कुछ वर्षों में महंगाई तेजी से बढ़ी है और मौजूदा डीए का स्तर इस बात को दर्शाता है. ऐसे में डीए को अलग भत्ते की बजाय मूल वेतन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए.

अगर यह मांग मान ली जाती है तो इसका सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर पर पड़ेगा. बेसिक सैलरी बढ़ने से हाउस रेंट अलाउंस, ट्रैवल अलाउंस, पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स भी बढ़ सकते हैं. इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है.

कौन लेगा अंतिम फैसला?

विशेषज्ञों का कहना है कि डीए मर्जर की मांग नई नहीं है. इससे पहले भी कई वेतन आयोगों के दौरान कर्मचारी संगठन ऐसी मांग उठाते रहे हैं. हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा.

फिलहाल सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन आठवें वेतन आयोग को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच कर्मचारी संगठनों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. भारत सरकार आने वाले समय में वेतन ढांचे में क्या बदलाव करती है, इस पर लाखों कर्मचारियों की नजर बनी हुई है.

अगर डीए को बेसिक सैलरी में शामिल किया जाता है तो यह सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है. हालांकि अभी यह केवल मांग के स्तर पर है और अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है.