क्या आंधड़-बारिश में कार को नुकसान होने पर मिलता है बीमा क्लेम? जानें फुल डिटेल
आंधड़ और बारिश के मौसम में कारों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसे मामलों में बीमा क्लेम मिल सकता है लेकिन यह पूरी तरह आपकी पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करता है. सही समय पर सूचना देना और जरूरी दस्तावेज संभालकर रखना बेहद महत्वपूर्ण है.
देश के कई हिस्सों में इन दिनों तेज आंधड़, बारिश और खराब मौसम का दौर जारी है. ऐसे मौसम में सड़क पर खड़ी या चल रही गाड़ियां कई तरह के जोखिमों का सामना करती हैं. कई बार पेड़ की शाखाएं टूटकर कार पर गिर जाती हैं तो कभी उड़ती हुई टिन की चादर, पत्थर या दूसरी भारी वस्तुएं वाहन को नुकसान पहुंचा देती हैं. ऐसे हालात में कार मालिकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या इस तरह के नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है या फिर पूरा खर्च खुद उठाना पड़ता है.
व्यापक बीमा देता है सुरक्षा
कार को हुए नुकसान का मुआवजा मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि वाहन के लिए कौन-सी बीमा पॉलिसी ली गई है. यदि आपके पास कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस है, तो प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले कई तरह के नुकसान आमतौर पर इसमें शामिल होते हैं. आंधड़, तूफान, भारी बारिश, पेड़ गिरना या बाढ़ जैसी परिस्थितियों में कार को क्षति पहुंचने पर बीमा कंपनी क्लेम स्वीकार कर सकती है. कार के शीशे टूटने, बॉडी डैमेज होने या बाहरी हिस्सों को नुकसान पहुंचने जैसी स्थितियां भी अक्सर इस कवर के दायरे में आती हैं. इसलिए विशेषज्ञ हमेशा व्यापक बीमा पॉलिसी को अधिक सुरक्षित विकल्प मानते हैं.
थर्ड पार्टी पॉलिसी में सीमित राहत
कई वाहन मालिक केवल थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेकर चलते हैं क्योंकि यह कानूनी रूप से अनिवार्य होता है. हालांकि, ऐसी पॉलिसी का उद्देश्य केवल किसी तीसरे व्यक्ति या उसकी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करना होता है. यदि आंधड़ या बारिश के कारण आपकी अपनी कार को नुकसान पहुंचता है, तो थर्ड पार्टी बीमा आमतौर पर उसके लिए कोई मुआवजा नहीं देता. यही कारण है कि मौसम से जुड़े जोखिमों को देखते हुए वाहन मालिकों को अपनी बीमा जरूरतों का समय-समय पर आकलन करना चाहिए और पर्याप्त कवर सुनिश्चित करना चाहिए.
क्लेम करते समय रखें ये सावधानियां
अगर आपकी कार को खराब मौसम के कारण नुकसान पहुंचा है, तो सबसे पहले उसकी स्पष्ट तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लें. यह सबूत क्लेम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसके बाद बीमा कंपनी की हेल्पलाइन, मोबाइल ऐप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से तुरंत सूचना दें. देरी करने पर कई बार क्लेम प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. साथ ही पॉलिसी नंबर, वाहन से जुड़े दस्तावेज और नुकसान के सभी प्रमाण तैयार रखें ताकि आवेदन में कोई कमी न रहे.
सर्वेयर की जांच का इंतजार जरूरी
बीमा क्लेम दर्ज होने के बाद कई मामलों में कंपनी नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेयर भेजती है. सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया तय होती है. इसलिए वाहन मालिकों को जल्दबाजी में मरम्मत शुरू नहीं करानी चाहिए. यदि निरीक्षण से पहले कार की मरम्मत करा दी जाती है, तो क्लेम के दौरान परेशानी खड़ी हो सकती है. सही प्रक्रिया का पालन करने से न केवल दावा मजबूत होता है बल्कि मुआवजा मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है. मौसम से जुड़े बढ़ते खतरों के बीच जागरूकता और सही बीमा कवर वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकते हैं.