दिल्ली मेट्रो से करते हैं ट्रैवल, ये दो छोटी-छोटी गलतियां भूलकर भी ना करें; लगेगा भारी जुर्माने
दिल्ली मेट्रो में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं, लेकिन कई अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिनके लिए जुर्माना लगता है. पहली गलती है महिलाओं के आरक्षित कोच में पुरुषों का प्रवेश, जिस पर 250 रुपये का जुर्माना है.
नई दिल्ली: दिल्ली की तेज रफ्तार जिंदगी में मेट्रो सबसे भरोसेमंद और सुविधाजनक साधन है. ऑफिस, स्कूल, कॉलेज या बाजार जाते वक्त लाखों लोग रोज इसे चुनते हैं. टिकट आसानी से मिल जाता है, लेकिन नियमों की जानकारी न होने से अनजाने में जुर्माना भरना पड़ सकता है. दिल्ली मेट्रो में दो ऐसी आम गलतियां हैं जो यात्रियों को महंगी पड़ सकती हैं. एक तरफ महिलाओं की सुरक्षा के लिए आरक्षित कोच है, तो दूसरी तरफ सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के लिए फर्श पर न बैठने का नियम. ये दोनों ही नियम सख्ती से लागू हैं और फ्लाइंग स्क्वायड इन्हें चेक करते रहते हैं.
महिलाओं के आरक्षित कोच का महत्व
दिल्ली मेट्रो में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पहला कोच (ट्रेन की दिशा में आगे वाला) पूरी तरह महिलाओं के लिए आरक्षित है. इसमें सिर्फ महिलाएं, बच्चे और विशेष जरूरत वाले यात्री ही जा सकते हैं. ये नियम महिलाओं को भीड़भाड़ और असुविधा से बचाने के लिए बनाया गया है.
पुरुषों के लिए सख्त चेतावनी
अगर कोई पुरुष इस कोच में चढ़ जाता है या यात्रा करता है, तो उसे तुरंत पकड़ा जा सकता है. फ्लाइंग स्क्वायड अलग-अलग स्टेशनों पर छिपकर चेकिंग करते हैं. कई बार लोग गलती से या जल्दबाजी में ऐसा कर बैठते हैं, लेकिन नियम तोड़ने पर कोई छूट नहीं मिलती.
जुर्माना कितना और कैसे लगता है
महिला कोच में प्रवेश करने पर दिल्ली मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट के तहत 250 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है. अगर जुर्माना न भरें तो ट्रेन से उतारकर पुलिस के हवाले भी किया जा सकता है. हाल के आंकड़ों में हजारों पुरुषों पर यह जुर्माना लगा है.
फर्श पर बैठना क्यों मना है
मेट्रो की ट्रेन में फर्श पर बैठना साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य यात्रियों की असुविधा का कारण बनता है. इससे फिसलन, गिरने का खतरा और ट्रेन की सफाई प्रभावित होती है. इसलिए यह नियम सख्ती से लागू है और इसे दंडनीय अपराध माना जाता है.
फ्लाइंग स्क्वायड की निगरानी
फर्श पर बैठे यात्रियों को पकड़ने के लिए भी फ्लाइंग स्क्वायड तैनात रहते हैं. वे रैंडम चेकिंग करते हैं और नियम तोड़ने वालों को तुरंत चालान काटते हैं. कई बार लोग थकान या भीड़ के कारण ऐसा करते हैं, लेकिन नियम जानना जरूरी है.
फर्श पर बैठने का जुर्माना
दिल्ली मेट्रो रेलवे अधिनियम 2002 की धारा 59 के तहत फर्श पर बैठने पर 200 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. साथ ही टिकट जब्त हो सकता है और यात्री को ट्रेन से उतार दिया जाता है. यह नियम लंबे समय से लागू है.
क्यों जरूरी है नियमों का पालन
ये नियम सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि सभी यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के लिए हैं. महिलाओं के कोच से उन्हें आराम मिलता है और फर्श साफ रहने से सफर बेहतर होता है. छोटी सावधानी से बड़ी परेशानी टल सकती है.
जागरूकता से बचें जुर्माना
मेट्रो स्टेशनों पर बोर्ड लगे हैं, ऐप में नियम बताए जाते हैं. यात्रा से पहले इन्हें पढ़ लें. अगर गलती हो जाए तो फ्लाइंग स्क्वायड को सहयोग करें, कई बार पहली बार में सिर्फ चेतावनी मिलती है.
अगर जुर्माना लग जाए तो क्या करें
जुर्माना तुरंत भर दें. अगर विवाद हो तो स्टेशन मैनेजर से बात करें या हेल्पलाइन पर संपर्क करें. नियमों का सम्मान करके सफर सुखद और जुर्माने मुक्त बनाएं.