बायकॉट चाइना पर जोर लेकिन ट्रेड पार्टनर में नंबर 1, क्यों हो रहा है ऐसा?
India Trade Partner: अधिकतक भारत में बायकॉट चाइना की मुहिम जोरों शोरों पर चलती है, लेकिन इसका जमीनी स्तर पर कोई भी असर नहीं पड़ता है. ऐसा इसलिए क्योंकि चाइना वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर बनकर सामने आया है.
India Trade Partner: दुनिया में भारत सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था वाला देश बन रहा है. दुनिया के कई देशों के साथ भारत का व्यापार लगातार बढ़ रहा है. अभी तक कारोबारी में पार्टनर के तौर पर यूएस ही भारत का सबसे बड़ा पार्टनर रहा है. वहीं, वित्त वर्ष 2023 से 2024 में चीन भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर बढ़कर उभरा है. आर्थिक थिंक टैंक जीटीआरआई की मानें तो इन देशों के बीच करीब 118.4 अरब डॉलर का व्यापार हुआ है. अब अमेरिका इस मामले में दूसरे पायदान पर है.
GTRI के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और चीन के बीच आयात-निर्यात बढ़ा है और ये तब है जब भारत में बायकॉट चाइना जैसी मुहिम भी चलाई जाती है. अगर पिछले वित्त वर्ष की बात करें तो सालाना आधारक पर भारत का चीन को निर्यात 8.7 फीसदी बढ़कर 16.67 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच गया है. चीन को निर्यात किए जाने वाले सामानों में लौह अयस्क, सूती धागा, कपड़ा, मेडअप, हथकरघा, मसाले, फल और सब्जियां, प्लास्टिक और लिमोलियम शामिल हैं.
भारत ने भी चाइना से खरीदा है ये सामान
एक रिपोर्ट की मानें तो चीन की ओर से भारत को भेजे गए सामानों में इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, न्यूक्लियर रिएक्टर्स, बॉयलर, ऑर्गेनिक केमिकल, प्लास्टिक का सामान, फर्टिलाइजर, गाड़ियों से जुड़ा सामान, केमिकल प्रोडक्ट्स, आयरन एंड स्टील व एल्युमिनियम आदि रहा है. चीन द्वारा भारत को भेजे गए सामानों का आयात 3.24 फीसदी तक बढ़ा है और यह 10.17 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
अमेरिका से व्यापार में आई गिरावट
अभी तक अमेरिका ही भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर था पर चीन से इस जगह को ले लिया है. भारत और चीन के बीच का कारोबार 118.4 अरब डॉलर का रहा है. वहीं, वित्त वर्ष 2023 से 24 में भारत और अमेरिका का द्विपक्षीय व्यापार 118.3 अरब डॉलर का रहा है. इसके कारण अमेरिका भारत से सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गया है. इसके पहले वित्त वर्ष 2020-21, 2022-23 आदि वर्षों में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर अमेरिका ही था.