सफर में चार्जर छूटा या दवा खत्म हुई? अब स्टेशन पर Blinkit से मंगाइए सामान; रेलवे ने शुरू की नई सुविधा

सफर में मोबाइल चार्जर छूट जाए या अचानक दवा की जरूरत पड़ जाए, तो अब स्टेशन पर ही समाधान मिल सकता है.

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Reepu Kumari

ट्रेन के सफर में अक्सर ऐसा होता है कि मोबाइल चार्जर घर पर छूट जाता है या अचानक किसी दवा की जरूरत पड़ जाती है.तब परेशानी और बढ़ जाती है, क्योंकि कई ट्रेनों का स्टॉपेज इतना कम होता है कि स्टेशन पर उतरकर सामान खरीदना आसान नहीं होता.यात्रियों की इसी दिक्कत को कम करने के लिए दक्षिण रेलवे के सलेम डिवीजन ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit के साथ हाथ मिलाया है.

इस सुविधा के तहत यात्री चुनिंदा रेलवे स्टेशनों पर अपने काम का सामान ऑर्डर कर सकेंगे और तय डिलीवरी पॉइंट से उसे ले सकेंगे.इससे उन्हें ट्रेन के ज्यादा देर रुकने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और स्टेशन पर अलग-अलग दुकानें भी नहीं ढूंढनी पड़ेंगी.

क्या-क्या मंगा सकेंगे

रेलवे और Blinkit की इस साझेदारी का मकसद यात्रियों को रोजमर्रा की जरूरी चीजें आसानी से उपलब्ध कराना है.योजना में मोबाइल चार्जर और दूसरी इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज, दवाइयां और मेडिकल से जुड़ा सामान, सफर में काम आने वाले पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स, और स्नैक्स जैसी खाने-पीने की चीजें शामिल हैं.


ऐप से ऑर्डर, स्टेशन पर डिलीवरी

यात्री Blinkit ऐप से सामान चुनकर ऑर्डर करेंगे.इसके बाद सामान संबंधित स्टेशन के तय डिलीवरी पॉइंट से लेना होगा.यह पॉइंट रेलवे प्लेटफॉर्म या स्टेशन की एंट्री के पास हो सकता है.इसका मकसद यही है कि सामान लेने के लिए यात्री को स्टेशन से दूर न जाना पड़े और ट्रेन छूटने का खतरा भी कम रहे.

पहले सात स्टेशन कौन-से

इस पायलट प्रोजेक्ट में सलेम डिवीजन के सात स्टेशन शामिल हैं.ये हैं कोयंबटूर जंक्शन, कोयंबटूर नॉर्थ, पोदनूर जंक्शन, तिरुप्पुर, इरोड जंक्शन, सलेम जंक्शन और करूर.इन स्टेशनों से गुजरने या यहां उतरने वाले यात्री सबसे पहले इस सुविधा का फायदा उठा सकेंगे.

हर सामान की गारंटी नहीं

सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले एक बात ध्यान में रखनी होगी.सभी प्रोडक्ट हर स्टेशन पर उपलब्ध होंगे, इसकी गारंटी नहीं है.इसलिए यात्रियों को Blinkit ऐप में यह जरूर देख लेना चाहिए कि जिस स्टेशन पर वे उतर रहे हैं, वहां सर्विस चालू है या नहीं और उनका मनचाहा सामान मिल रहा है या नहीं.

अभी सिर्फ शुरुआत

यह पहल फिलहाल सलेम डिवीजन में पायलट के रूप में शुरू की गई है.यानी यह सुविधा अभी पूरे भारत के रेलवे नेटवर्क पर लागू नहीं हुई है.आगे इसे दूसरे स्टेशनों तक बढ़ाया जाएगा या नहीं, इस बारे में आपकी कॉपी में कोई जानकारी नहीं दी गई है.