रात के सन्नाटे में खाली हो गया बैंक अकाउंट? सुबह होने का इंतजार पड़ा सकता है भारी, तुरंत करें ये 4 काम
सोचिए, आधी रात को मोबाइल पर बैंक खाते से पैसे कटने का मैसेज आए और आपको पता हो कि आपने कोई लेन-देन नहीं किया है.
Bank Account Fraud: आज के डिजिटल दौर में बैंकिंग पहले से आसान हुई है, लेकिन ऑनलाइन ठगी का खतरा भी बना हुआ है. कई बार लोगों को खाते से पैसे कटने का पता तब चलता है, जब वे सो रहे होते हैं. सुबह उठकर मैसेज देखने पर पता चलता है कि ऐसा ट्रांजैक्शन हुआ है, जिसे उन्होंने किया ही नहीं. ऐसी स्थिति में सबसे बड़ा सवाल होता है कि बैंक बंद होने के बावजूद शिकायत कैसे करें और पैसे बचाने के लिए क्या कदम उठाएं.
खाते से पैसे कटते ही सबसे पहले क्या करें?
अगर बैंक खाते से आपकी अनुमति के बिना रकम निकली है, तो सबसे पहले बैंक को इसकी सूचना दें. बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन पर कॉल करें या मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करें. स्पष्ट बताएं कि संबंधित ट्रांजैक्शन आपने नहीं किया है. शिकायत दर्ज होने के बाद उसका संदर्भ नंबर जरूर लें. इससे आगे बैंक से बातचीत करने और शिकायत की स्थिति जानने में मदद मिलेगी.
डेबिट कार्ड और UPI को सुरक्षित कैसे करें?
यदि आपको लगता है कि आपके डेबिट कार्ड, UPI या नेट बैंकिंग का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो संबंधित सेवा को तुरंत सुरक्षित करें. बैंक से कार्ड या प्रभावित डिजिटल बैंकिंग सुविधा अस्थायी रूप से बंद करने के लिए कहें. जहां विकल्प उपलब्ध हो, वहां मोबाइल ऐप से कार्ड ब्लॉक किया जा सकता है. अपने UPI पिन, पासवर्ड या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप भी इंस्टॉल न करें.
Also Read
1930 पर कॉल करें, ऑनलाइन भी दर्ज करें शिकायत
साइबर धोखाधड़ी की सूचना देने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. इसके अलावा, भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल [cybercrime.gov.in](https://cybercrime.gov.in/?utm_source=chatgpt.com) पर शिकायत दर्ज की जा सकती है. शिकायत करते समय ट्रांजैक्शन आईडी, खाते से कटी रकम, समय और तारीख जैसी जानकारी अपने पास रखें. बैंक के मैसेज और शिकायत से जुड़े दस्तावेज भी सुरक्षित रखें. ये विवरण मामले की जांच में उपयोगी हो सकते हैं.
क्या बैंक बंद होने पर भी शिकायत कर सकते हैं?
हां, बैंक शाखा बंद होने का मतलब यह नहीं है कि आपको सुबह तक इंतजार करना होगा. भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के तहत बैंकों को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन की सूचना देने के लिए ग्राहकों को चौबीसों घंटे उपलब्ध माध्यम देने होते हैं. बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या डेबिट कार्ड पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर से संपर्क करें. ध्यान रखें कि ग्राहक की जिम्मेदारी और रकम वापस मिलने की स्थिति कई बातों पर निर्भर करती है, इसलिए तुरंत शिकायत करना महत्वपूर्ण है.