18 साल के होते ही बनवा लें ये 4 दस्तावेज, तीसरा वाला नहीं हुआ तो बैंक से लेकर कई जरूरी कामों में आएगी रुकावट!
18 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद कई ऐसे सरकारी दस्तावेज हैं, जो आगे की जिंदगी में बार बार काम आते हैं. वोटर आईडी से लेकर पासपोर्ट, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस तक हर दस्तावेज की अपनी अहमियत है.
नई दिल्ली: 18 साल की उम्र किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में बड़ा पड़ाव मानी जाती है. इस उम्र के बाद पढ़ाई, नौकरी, बैंकिंग, यात्रा और दूसरे जरूरी कामों से जुड़े कई फैसले सामने आने लगते हैं. ऐसे में कुछ सरकारी दस्तावेज आपके लिए बेहद जरूरी हो जाते हैं. अगर आपकी उम्र भी 18 साल पूरी हो चुकी है, तो इन कागजात को बनवाने की प्रक्रिया को टालना ठीक नहीं है.
वोटर आईडी क्यों है जरूरी
18 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद वोटर आईडी बनवाना जरूरी दस्तावेजों में शामिल हो जाता है. यह चुनाव में मतदान करने के अधिकार से जुड़ा दस्तावेज है. इसके अलावा कई सरकारी कामों में इसका इस्तेमाल पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर किया जा सकता है. इसलिए 18 साल पूरे होने के बाद इसे बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर लेना उपयोगी रहता है.
विदेश जाने की तैयारी में पासपोर्ट जरूरी
अगर आगे चलकर विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा या अंतरराष्ट्रीय नौकरी की योजना है, तो पासपोर्ट बेहद जरूरी दस्तावेज है. विदेश यात्रा के दौरान यही आपकी पहचान से जुड़े प्रमुख दस्तावेजों में शामिल होता है. भारत सरकार द्वारा जारी पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण कागज है. इसलिए भविष्य में विदेश जाने की संभावना हो तो इसे समय रहते बनवाना फायदेमंद रहता है.
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पैन कार्ड को नजरअंदाज न करें
पैन कार्ड भी 18 साल की उम्र के बाद महत्वपूर्ण दस्तावेजों में शामिल है. इसका इस्तेमाल बैंकिंग और वित्तीय कामों में होता है. बैंक खाते से जुड़े लेनदेन में पैन की जरूरत पड़ सकती है और कुछ परिस्थितियों में इसके अभाव में लेनदेन पर सीमाएं लागू हो सकती हैं. एटीएम कार्ड से जुड़े कुछ बैंकिंग कामों में भी पैन की जानकारी मांगी जा सकती है.
वाहन चलाने के लिए लाइसेंस अनिवार्य
अगर आप 18 साल के बाद दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की योजना बना रहे हैं, तो वैध ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है. बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है. ड्राइविंग लाइसेंस में फोटो और जन्मतिथि जैसी जानकारी भी दर्ज होती है. यही वजह है कि यह वाहन चलाने के साथ पहचान से जुड़े कामों में भी उपयोगी दस्तावेज माना जाता है.