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आपकी हर बात पर कान लगाए बैठा है स्मार्टफोन, फटाफट बंद कर दें ये सेटिंग्स

Smartphone Tips: क्या कभी आपको ये लगा है कि आप जो बात कर रहे हैं वो आपका फोन भी सुन रहा है और उसी बात से संबंधित विज्ञापन आपको दिखाई जाते हैं? ऐसा क्यों होता है, क्या कभी आपने ये जानने की कोशिश की है? अगर नहीं, तो यहां हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं.

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आपकी हर बात पर कान लगाए बैठा है स्मार्टफोन, फटाफट बंद कर दें ये सेटिंग्स
Courtesy: Freepik

Smartphone Tips: क्या आपने कभी ऐसा एक्सपीरियंस किया है कि आप जिस बारे में अपने घर में या अपने दोस्तों के साथ बात कर रहे होते हैं, आपको उसी के विज्ञापन अपने फोन पर दिखाई देने लगते हैं? ऐसा जरूर हुआ होगा. ऐसा आमतौर पर होता है क्योंकि आपके फोन का माइक्रोफोन हमेशा ऑन रहता है. बता दें कि स्मार्टफोन की सुनने की क्षमता कई बातों पर निर्भर करती है. आपने अपने फोन की सेटिंग्स और ऐप्स को कैसे कॉन्फिगर किया है, यह चेक करना जरूरी होता है. 

ज्यादातर स्मार्टफोन और ऐप्स वॉयस असिस्टेंट की सुविधा के साथ आते हैं जैसे कि गूगल असिस्टेंट, सिरी या एलेक्सा, जो आपकी वॉयस कमांड्स को सुनने और प्रोसेस करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं. जब आप "हे सिरी" या "ओके गूगल" जैसे वॉयस एक्टिवेशन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं तो ये अस्सिटेंट एक्टिव हो जाते हैं. ये आपकी हर बात को सुनते हैं. 

आपका फोन सुन रहा है हर बात:

हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसे मार्केटिंग कंपनी 404 मीडिया ने जारी किया है. रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन आपकी हर इंटरनेट एक्टिविटी पर तो नजर रखते ही हैं और साथ ही जो आप बात कर रहे हैं उसे भी आपका फोन सुनता रहता है. स्मार्टफोन एक्टिव लिसनिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके आपकी हर बात सुन सकते हैं. 

एक्टिव लिस्निंग AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल:

रिपोर्ट में बताया गया है कि जब भी कोई यूजर किसी ऐप को डाउनलोड करता है तो उससे कई परमिशन मांगी जाती है जिसमें माइक्रोफोन एक्सेस भी होता है. कई बार लोग बिना नियम व शर्ते पढ़ें ऐप्स को परमिशन दे देते हैं जबकि उन्हें उस परमिशन की जरूरत ही नहीं होती है. ऐसे में इस तरह की ऐप्स एक्टिव लिस्निंग AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती हैं और लोग जो बात कर रहे होते हैं उन्हें सुनकर अपनी सर्विसेज को कस्टमाइज कर लेती हैं. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक और गूगल इस तरह की सर्विस का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं. सिर्फ फोन ही नहीं, बल्कि घर में मौजूद स्मार्ट डिवाइसेज भी इस तरह से काम करते हैं और रियल टाइम में आप क्या बात कर रहे हैं, ये सुनते हैं और फिर इससे जुड़े ही विज्ञापन आपको दिखाते हैं. 

बिना जरूरत न दें माइक्रोफोन का एक्सेस: 

इस तरह की परेशानी से निपटने के लिए आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि बिना जरूरत किसी भी ऐप को माइक्रोफोन का एक्सेस न दिया जाएगा. अगर किसी ऐप को माइक्रोफोन एक्सेस की जरूरत नहीं है तो उसे वो परमिशन देने का कोई मतलब नहीं है.