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लालच पड़ा भारी…! ज्यादा पैसों के चक्कर में 75 वर्षीय रिटायर्ड व्यक्ति ने गंवा दिए 11 करोड़ रुपये

WhatsApp Investment Scam: मुंबई के कोलाबा में एक 75 वर्षीय रिटायर्ड शिप कैप्टन से 11.1 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी हुआ. स्कैम की शुरुआत एक व्हाट्सएप ग्रुप से हुई, जिसमें उन्हें फाइनेंशियल सर्विस कंपनी का नाम लेकर जोड़ा गया. ग्रुप में शामिल होकर उन्होंने एक फेक ऐप में निवेश किया, और धीरे-धीरे स्कैमर्स ने उन्हें पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया.

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Shilpa Srivastava

WhatsApp Investment Scam: मुंबई के कोलाबा में एक नया धोखाधड़ी का मामला सामने आया है जिसमें एक 75 वर्षीय रिटायर्ड शिप कैप्टन से 11.1 करोड़ रुपये चुरा लिए गए. इस स्कैम की शुरुआत तब हुई जब एक अननोन व्यक्ति ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और इन्वेस्टमें प्लान लेने के लिए कहा. स्कैमर्स ने उन्हें शेयर बाजार में अच्छा पैसा कमाने का झांसा दिया और फिर एक फेक ऐप में निवेश करने के लिए मजबूर कर दिया.

यह स्कैम 19 अगस्त से शुरू हुआ और इसमें इस दौरान व्यक्ति का मोबाइल नंबर एक फाइनेंशियल सर्विस कंपनी के नाम से बने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया. ग्रुप की एडमिन ने अपने आप को अन्या स्मिथ बताया और लगातार ही इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजी और स्टॉक मार्केट के बारे में अपडेट दिया. इस ग्रुप में और भी लोग जुड़े थे जो अपनी सफलता की बात कर रहे थे जिससे व्यक्ति को यकीन हो गया कि यह स्कीम सही है. 

पैसे इन्वेस्ट करने के लिए किया राजी: 

इसके बाद व्यक्ति को एक और व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और फिर एक लिंक भेजा गया जिससे उन्होंने एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया. इसके बाद, व्यक्ति को अलग-अलग इन्वेस्टमेंट ऑफर्स के बारे में मैसेज मिलने लगे, जिनमें इंस्टीट्यूशनल अकाउंट ट्रेडिंग, ओटीसी बिजनेस और आईपीओ शामिल थे. स्कैमर्स ने व्यक्ति को अपने अन्य सहयोगियों से भी मिलवाया, जिन्होंने उसे बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मनाया.

22 लेन-देन, कुल 11.16 करोड़ रुपये का चूना:

5 सितंबर से 19 अक्टूबर के बीच, व्यक्ति ने 22 लेन-देन किए और कुल 11.16 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिए. जब व्यक्ति ने इन अकाउंट्स के इस्तेमाल के बारे में सवाल पूछा, तो स्कैमर्स ने बताया कि यह टैक्स बचाने के लिए किया गया था. कुछ दिन बाद, व्यक्ति से इन्वेस्टमेंट राशि निकालने के लिए 20% टैक्स देने को कहा गया लेकिन इसके बाद स्कैमर्स ने और भी पैसे मांगे. 

जब व्यक्ति को शक हुआ तो उन्होंने उस फाइनेंशियल कंपनी के हेड ऑफिस का दौरा किया और पाया कि वह स्कैमर्स से ही बात कर रहा था. इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. यह मामला एक और उदाहरण है कि कैसे स्कैमर्स शेयर बाजार में निवेश करने की इच्छा रखने वाले लोगों को धोखा देते हैं.