WhatsApp पर आई AI जनरेटेड ग्रुप प्रोफाइल फोटो, इस तरह करें इस्तेमाल

WhatsApp ग्रुप चैट के लिए एक नया AI पावर्ड प्रोफइल पिक्चर जनरेटर लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. WABetaInfo की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फीचर की टेस्टिंग वर्तमान में बीटा यूजर्स के एक लिमिटेड ग्रुप के साथ की जा रही है.

Shilpa Srivastava

WhatsApp AI Generate Picture: WhatsApp ग्रुप चैट के लिए एक नया AI पावर्ड प्रोफइल पिक्चर जनरेटर लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. WABetaInfo की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फीचर की टेस्टिंग वर्तमान में बीटा यूजर्स के एक लिमिटेड ग्रुप के साथ की जा रही है, जो मेटा AI का इस्तेमाल करके पर्सनल और यूनिक ग्रुप्स आइकन बनाने का एक नया तरीका उपलब्ध कराएगा. 

यह फीचर क्या है और यह आपके कैसे काम आएगा, अगर आप ये जानना चाहते हैं तो यहां हम आपको इसके बारे में अभी तक उपलब्ध सभी डिटेल्स बता रहे हैं. 

WhatsApp का AI प्रोफइल पिक्चर जनरेटर में क्या नया है?

  • केवल AI-जनरेटेड ग्रुप आइकन: नया टूल यूजर्स को टेक्स्ट प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करके कस्टम ग्रुप प्रोफाइल पिक्चर बना पाएंगे. हालांकि, अभी तक इस फीचर्स का इस्तेमाल पर्सनल प्रोफइल पिक्चर्स के लिए नहीं किया जा सकता है.

  • टेलर-मेड डिजाइन: यूजर अपने ग्रुप की थीम, इंटरेस्ट या वाइब के आधार पर डिटेल्स डाल सकते हैं.  फिर AI आपके प्रॉम्प्ट के आधार पर फोटो तैयार करेगा. 

  • थीम-आधारित ऑप्शन: यह फीचर पहले से सेट थीम उपलब्ध कराती है जिसमें फ्यूचर टेक्नोलॉजी, फैंटेसी या नैचर डिजाइन आदि शामिल हैं. 

इस फीचर्स का इस्तेमाल कौन कर सकता है?

अभी बीटा टेस्टर्स ही इस फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं. एंड्रॉइड पर कुछ WhatsApp बीटा टेस्टर्स को पहले ही AI-जनरेटेड ग्रुप आइकन का एक्सेस मिल चुका है. दिलचस्प बात यह है कि यह फीचर्स एंड्रॉइड के लिए WhatsApp के स्टेबल वर्जन पर दिखाई देने लगी है, यहां तक कि उन यूजर्स के लिए भी जो बीटा टेस्टिंग प्रोग्राम का हिस्सा नहीं है. iPhone यूजर्स को यह अपडेट कब मिलेगा, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. 

WhatsApp वॉयस मैसेज ट्रांसक्रिप्ट:

WhatsApp ने भारत में वॉयस मैसेज ट्रांसक्रिप्ट भी शुरू किया है. यह फीचर्स यूजर्स को वॉयस नोट्स को टेक्स्ट में बदलने की अनुमति देती है, जिससे उन्हें बिना सुने ऑडियो मैसेज को समझना आसान हो जाता है. प्राइवेसी के लिए ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग का इस्तेमाल करता है, वर्तमान में हिंदी भाषा ऑप्शन का सपोर्ट नहीं करता है और आधिकारिक भाषा सपोर्ट उपलब्ध न होने के बाद भी हिंदी ट्रांसक्रिप्ट दिखाता है.