1 रुपये का लालच और खाली हो सकता है बैंक खाता! वेब सीरीज के नाम पर चल रहा नया खेल, रहें सावधान

वेब सीरीज और फिल्मों के नए एपिसोड को महज एक से पांच रुपये में दिखाने का लालच देकर साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं. सोशल मीडिया पर फर्जी लिंक के जरिए यूजर को नकली वेबसाइट या ऐप तक पहुंचाया जाता है.

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Reepu Kumari

Cyber Fraud: मनोरंजन के लिए सोशल मीडिया पर दिखने वाला एक छोटा-सा ऑफर आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. साइबर ठग अब लोकप्रिय वेब सीरीज, फिल्मों और क्राइम शो के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं. फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर ऐसे विज्ञापन और पोस्ट सामने आ रहे हैं, जिनमें नया एपिसोड सिर्फ एक से पांच रुपये में देखने का दावा किया जाता है. लिंक खोलते ही यूजर धीरे-धीरे ठगी के जाल में पहुंच जाता है.

मामला तब गंभीर हो जाता है, जब वीडियो देखने के लिए भुगतान करने के दौरान यूजर अपनी यूपीआई, कार्ड या बैंकिंग जानकारी दर्ज कर देता है. इसी जानकारी का इस्तेमाल करके ठग रकम निकालने की कोशिश कर सकते हैं. कई मामलों में यूपीआई ऑटो-पे भी सक्रिय होने की बात सामने आई है. खबरों के मुताबिक, इंदौर क्राइम ब्रांच में केवल एक महीने के दौरान इस तरह की 72 से ज्यादा शिकायतें पहुंच चुकी हैं.

कुछ सेकंड का वीडियो और फिर फर्जी लिंक

ठग सोशल मीडिया पर लोकप्रिय शो से जुड़ा छोटा वीडियो क्लिप पोस्ट करते हैं. इसके साथ ‘New Episode Out Now’, ‘Watch Full Episode’ या ‘Watch Live’ जैसे संदेश दिए जाते हैं. पूरी सामग्री देखने के लिए लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है. लिंक खोलने पर यूजर किसी फर्जी वेबसाइट या ऐप तक पहुंच जाता है. इसके बाद वीडियो चलाने के लिए एक से पांच रुपये का टोकन भुगतान मांगकर असली ठगी की शुरुआत होती है.

एक रुपये का भुगतान पड़ सकता है भारी

फर्जी भुगतान पेज पर क्रेडिट या डेबिट कार्ड, यूपीआई पिन अथवा बैंकिंग जानकारी मांगी जा सकती है. जानकारी मिलते ही ठग उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. कुछ मामलों में यूजर की जानकारी के बिना यूपीआई ऑटो-पे सक्रिय होने की बात भी सामने आई है, जिसके बाद खाते से नियमित रूप से रकम कट सकती है. एक मामले में छात्रा अंकिता खरे ने एक रुपये में क्राइम शो देखने के लिए भुगतान किया, जिसके बाद ऑटो-पे सक्रिय होने से रकम कटने लगी.

ऐप डाउनलोड कराया, फिर खाते से निकले पैसे

दूसरे मामले में शिक्षक राजकुमार वेब सीरीज देखने के ऑफर पर पहुंचे. लिंक खोलने के बाद उनसे एक नया ऐप डाउनलोड कराया गया. ऐप इंस्टॉल करने के बाद फोन का डेटा लीक होने और बैंक खाते से 10 हजार रुपये निकलने की जानकारी सामने आई. ऐसे मामलों में किसी अनजान वेबसाइट से ऐप डाउनलोड करना खास तौर पर जोखिम भरा हो सकता है. सस्ते मनोरंजन का ऑफर देखकर जल्दबाजी में भुगतान करने से बचना जरूरी है.

ठगी होते ही ये कदम उठाएं

अगर खाते से पैसे निकल जाएं या फर्जी भुगतान का पता चले तो तुरंत 1930 पर साइबर अपराध की शिकायत करें. इसके साथ cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है. बैंक से संपर्क कर कार्ड, यूपीआई और नेट बैंकिंग सेवाओं को सुरक्षित कराएं. फर्जी पोस्ट, लिंक, प्रोफाइल, स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन आईडी और संदेश संभालकर रखें. विशेषज्ञ आजाद अहमद के अनुसार, ठग सोशल मीडिया ट्रेंड और एआई का इस्तेमाल कर लोगों की उत्सुकता को निशाना बना रहे हैं.