Fake AI Video Tools: फ्री AI टूल कर रहा काम खराब, हैकर्स को थाली में सजाकर दे रहा पासवर्ड की पूरी जानकारी
Fake AI Video Tools: अगर आपको भी आदत है फ्री एआई वीडियो टूल्स इस्तेमाल करने की तो आज हम आपको एक ऐसी खबर बता रहे हैं जिसके बाद आप अपनी ये आदत बदल लेंगे. आपकी इसी आदत का फायदा हैकर्स उठा रहे हैं और लोगों की डिटेल्स में सेंध लगा रहे हैं.
Fake AI Video Tools: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जितनी मददगार है उतना ही खतरनाक भी है. इंटरनेट पर आज के समय में कुछ भी किया जा सकता है जिसके नूमने हमने कई बार देखे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल लोगों को कितने बड़े खतरे में डाल सकता है, ये हम आपको इस आर्टिकल में बता रहे हैं, खासकर विंडोज और मैकओएस ऑपरेटिंग सिस्टम्स पर. इस तरह के टूल्स के जरिए हैकर्स, यूजर्स के सिस्टम में मैलवेयर डालते हैं जो न केवल आपके क्रिप्टोकरंसी वॉलेट क्रेडेंशियल्स चुराते हैं, बल्कि आपके पासवर्ड और ब्राउजिंग हिस्ट्री को भी निशाना बनाते हैं.
ब्लिपिंग कंप्यूटर ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें क्रिमिनल्स AI वीडियो और इमेज जनरेटर EditPro का फेक वर्जन बना रहे हैं जिनके रिए लोगों की डिवाइस में मैलवेयर फैलाया जा रहा है. इन वेबसाइटों पर, X पर किए गए पोस्ट्स के जरिए दावा किया जा रहा है कि यूजर्स को किसी स्पेशल स्किल की जरूरत नहीं है और वे AI वीडियो जनरेटर का इस्तेमाल फ्री में कर सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, जब यूजर्स इन फोटोज पर क्लिक करते हैं, तो वे फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं, जो EditProAI टूल का दावा करती है. ये वेबसाइट्स '.pro' और '.org' डोमेन के जरिए विंडोज और मैकओएस के लिए मैलवेयर फैला रही हैं.
रियल दिखती हैं ये फर्जी वेबसाइट्स:
ये फर्जी वेबसाइट्स असल में काफी रियल दिखती हैं और इनमें नीचे की तरफ एक कूकी बैनर भी होता है, जो वेबसाइट की वैधता को बढ़ा देता है. जब यूजर्स Get now बटन पर क्लिक करते हैं, तो उनका सिस्टम एक फाइल डाउनलोड करना शुरू कर देता है, जिसे क्रमशः “Edit-ProAI-Setup-newest_release.exe” (विंडोज के लिए) और “EditProAi_v.4.36.dmg” (मैकओएस के लिए) कहा जाता है.
जब साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने‘.exe फाइल को एनलाइज किया तो उन्होंने पया कि इसमें लुमा स्टीलर (Lumma Stealer) मैलवेयर छिपा हुआ था. अगर आपने गलती से यह फाइल डाउनलोड कर ली है, तो आपको तुरंत अपना पासवर्ड चेंज करना होगा क्योंकि ये मैलवेयर आपकी सारी सेंसिटिव जानकारी चुरा लेता है.
बता दें कि लुमा स्टीलर एक मैलवेयर है जो विंडोज के लिए बनाया गया है. जबकि एएमओएस (AMOS) मैकओएस पर हमला करात है. दोनों ही मैलवेयर क्रिप्टोकरंसी वॉलेट्स, लॉगिन क्रेडेंशियल्स और लोकप्रिय ब्राउजरों जैसे गूगल क्रोम, मोजिला फायरफॉक्स और माइक्रोसॉफ्ट एज की ब्राउजिंग हिस्ट्री चुराने के लिए डिजाइन किए गए हैं.