APK फाइल के चक्कर में खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट, बचने के लिए गांठ बांधे ये बातें
Fake Parivahan Software Scam: केरल की कोच्चि साइबर क्राइम पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक गिरोह को गिरफ्तार किया है. यह फर्जी परिवहन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके देशभर में ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहा था.
Fake Parivahan Software Scam: केरल की कोच्चि साइबर क्राइम पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक गिरोह को गिरफ्तार किया है. यह फर्जी परिवहन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके देशभर में ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहा था. यह गिरोह व्हाट्सएप के जरिए फर्जी एपीके फाइलें भेजकर लोगों को ठगने का तरीका अपनाता था. साथ ही दावा करता था कि उनके व्हीकल्स पर बकाया जुर्माना है. बता दें कि एपीके फाइलें वो होती हैं जो एंड्रॉइड फोन पर मोबाइल ऐप इंस्टॉल करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं.
स्कैमर्स ने टेलीग्राम बॉट के जरिए व्हीकल्स की जानकारी हासिल की. इस फर्जी एपीके के पीछे मुख्य कारण आरोपी का रिश्तेदार था. केरल के एर्नाकुलम के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई और इसके बाद जांच शुरू की. पीड़ित ने बताया कि इस फर्जी परिवहन सॉफ्टवेयर की वजह से उन्हें 85,000 रुपये का नुकसान हुआ. पुलिस ने डिजिटल सबूत इकट्ठा करने के बाद संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया.
जांच के दौरान, पुलिस को गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों के फोन पर केरल, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों के 2,700 से ज्यादा व्हीकल्स की जानकारी मिली. इस तरह के स्कैम्स से खुद को बचाने के लिए आप कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं.
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ऑनलाइन स्कैम से कैसे बच सकते हैं:
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एपीके फाइलों से सावधान रहना जरूरी है. अनजान सोर्सेज से कभी भी ऐप डाउनलोज न करें. खासतौर से अगर कोई कॉल या मैसेज करके ऐसा करने के लिए कहता है तो बिल्कुल न करें.
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ऐप डाउनलोड करने के लिए हमेशा विश्वसनीय ऐप स्टोर का इस्तेमाल करें. बैकग्राउंड में चल रही किसी भी संदिग्ध एक्टिविटी को रोकने के लिए अपने फोन को रेगुलर रिस्टार्ट करें.
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अगर आपको अपने बैंक अकाउंट में कोई अनधिकृत लेनदेन या कोई संदिग्ध चीज दिखाई दे, तो तुरंत अपने बैंक को इसकी सूचना दें. इसके लिए आप सूचना राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर जा सकते हैं. तुरंत सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 भी है. संचार साथी पर भी आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं.