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Apple के वायरलेस चार्जर हो जाएंगे बैन, अगर कंपनियों ने नहीं माना नया नियम! 

Wireless Charger Ban: चीन में एक अहम फैसला लिया गया है जिसमें कुछ वायरलेस चार्जर्स पर रोक लगा दी गई है. इन नए रेगुलेशन्स को 1 सितंबर से लागू कर दिया जाएगा. इस लिस्ट में कुछ एप्पल चार्जर्स का नाम भी शामिल हो सकता है. चलिए जानते हैं कि किन फ्रिक्वेंसी बैंड्स को नए नियमों के बाद मान्यता दी जाएगी और किन्हें नहीं.

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Wireless Charger Ban: चीन के रेगुलेटर्स ने कुछ वायरलेस चार्जर की बिक्री पर रोक लगाने की योजना बनाई है जिसमें Apple भी शामिल है. एक रिपोर्ट के अनुसार, यह नया रेगुलेशन 1 सितंबर से लागू हो जाएगा. इस डेडलािन के बाद देश में मोबाइल और पोर्टेबल वायरलेस चार्जिंग डिवाइसेज के लिए केवल तीन फ्रीक्वेंसी बैंड्स 100-148.5kHz, 6765-6795kHz, और 13553-13567kHz को ही मान्यता दी जाएगी. इसके अलावा रेटेड ट्रांसमिशन पावर पर 80W की लिमिट लगाई जाएगी. सीमा लगाएगा.

ऐसा माना जा रहा है कि यह नया नियम Apple के वायरलेस चार्जिंग प्रोडक्ट्स को प्रभावित करेगा क्योंकि कंपनी का 15W वायरलेस चार्जर MagSafe और Qi2 स्टैंडर्ड पर निर्भर करता है जो 360kHz पर काम करते हैं और यह ऊपर बताई गई फ्रीक्वेंसी रेंज में नहीं आती हैं. 

एप्पल का MagSafe चार्जर:

एप्पल की मैग्नेटिक चार्जिंग टेक्नोलॉजी MagSafe का इस्तेमाल iPhone 12 और बाद के सभी मॉडलों में किया जाता है. अगर Qi2 की बात करें तो यह वायरलेस पावर कंसोर्टियम के डेवलप किए गए क्यूआई स्टैंडर्ड का एडवांस वर्जन है. यह iPhone 8 और उसके बाद के मॉडल्स के लिए वायरलेस चार्जिंग की अनुमति देता है. 

Apple की चाइनीज वेबसाइट के अनुसार, फिलहाल देश में मिलने वाले iPhone 127.7 kHz फ्रिक्वेंसी पर ऑपरेटेड 7.5W-रेटेड ट्रांसमिशन पावर वाले वायरलेस चार्जिंग डिवाइस को सपोर्ट करते हैं. इससे हाई ट्रांसमिशन पावर का सपोर्ट करने वाली डिवाइसेज की तुलना में चार्जिंग का समय बहुत ज्यादा होता है. 

क्या है चाइनीज रेगुलेटर्स का कहना: 

रिपोर्ट के अनुसार, चाइनीज रेगुलेटर्स ने बताया कि नए नियमों का उद्देश्य रेडियो ऑपरेशन्स के हानिकारक हस्तक्षेप से बचना है जिसमें एविएशन इंडस्ट्री में रेडियो कम्यूनिकेशन और एयरवेब्स के ऑर्डर को बनाए रखना शामिल है. 

नए नियमों के तहत, अगर किसी भी वायरलेस चार्जिंग डिवाइसेज की मैन्यूफैक्चरिंग या इम्पोर्ट सरकार के बनाए गए नए स्टैंडर्ड का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें बैन कर दिया जाएगा. हालांकि, इन प्रोडक्ट के इस्तेमाल और बिक्री की अनुमति 1 सितंबर तक दी जाएगी.