अब हाथ में नहीं सिर के ऊपर उड़ेगा AI छाता! कमाल देख रह जाएंगे हैरान, जानिए कैसे करता है काम

बारिश में हाथ में छाता लेकर चलने की परेशानी को खत्म करने के लिए कनाडा के इंजीनियर जॉन त्से ने एक अनोखा AI फ्लाइंग छाता तैयार किया है.

Grok
Reepu Kumari

नई दिल्ली: बारिश से बचने के लिए छाता सबसे आसान साधन है, लेकिन इसे लेकर चलना कई बार परेशानी भी बन जाता है. एक हाथ में छाता होने से बैग संभालना, सामान उठाना या फोन का इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए कनाडा के इंजीनियर जॉन त्से ने एक ऐसा फ्लाइंग AI छाता तैयार किया है, जो हाथ में रहने के बजाय हवा में उड़कर व्यक्ति के सिर के ऊपर चलता रहता है.

यह अनोखा डिवाइस ड्रोन और छाते का मिश्रण है. इसके ऊपर छाता लगाया गया है और इसकी तकनीक व्यक्ति की स्थिति को पहचानकर उसे फॉलो करने के लिए तैयार की गई है. इसमें टाइम ऑफ फ्लाइट डेप्थ कैमरा और एक छोटा कंप्यूटर इस्तेमाल किया गया है. जॉन त्से ने इस प्रोजेक्ट को खुद बनाया है और इसे तैयार करने की प्रक्रिया ‘I Build Stuff’ नाम के यूट्यूब चैनल पर साझा किए गए वीडियो में दिखाई गई है.

ड्रोन के ऊपर लगा है छाता

इस तकनीक में छाते को एक ड्रोन जैसी संरचना के ऊपर फिट किया गया है. ड्रोन हवा में उड़ते समय छाते को व्यक्ति के सिर के ऊपर बनाए रखता है. इसका उद्देश्य बारिश के दौरान नीचे मौजूद व्यक्ति को बिना हाथ में छाता पकड़े सुरक्षा देना है.


चलते व्यक्ति को करता है ट्रैक

फ्लाइंग छाते में टाइम ऑफ फ्लाइट डेप्थ कैमरा लगाया गया है. इसके साथ एक छोटा कंप्यूटर भी मौजूद है. कैमरा और कंप्यूटर मिलकर व्यक्ति की स्थिति को समझने में मदद करते हैं. व्यक्ति के आगे बढ़ने या दिशा बदलने पर डिवाइस उसके सिर की स्थिति को ट्रैक करता है और उसके ऊपर बने रहने की कोशिश करता है.

फोल्डेबल प्रोपेलर से आसान होगा ले जाना

डिवाइस के प्रोपेलर को फोल्डेबल बनाया गया है. इससे इसे इस्तेमाल नहीं करने पर समेटना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान हो सकता है. डिजाइन को ज्यादा भारी न रखने का भी ध्यान रखा गया है, ताकि इसे संभालना अपेक्षाकृत सुविधाजनक रहे.

3D प्रिंटिंग और कार्बन नायलॉन का इस्तेमाल

फ्लाइंग AI छाते की मजबूती के लिए इसके कई हिस्सों को खास तरीके से तैयार किया गया है. इसके हिंज, लॉकिंग मैकेनिज्म और फ्रेम जैसे हिस्सों को 3D प्रिंटिंग से बनाया गया है. इसमें कार्बन नायलॉन जैसे मटेरियल का भी इस्तेमाल किया गया है, जिससे ढांचे को मजबूत रखने की कोशिश की गई है.

हाथ रहेंगे खाली, सामान संभालना होगा आसान

इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बारिश से बचने के लिए व्यक्ति को छाता हाथ में पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ती. हाथ खाली रहने से बैग या दूसरा सामान संभालना आसान हो सकता है. जॉन त्से का यह प्रयोग दिखाता है कि AI और ड्रोन जैसी तकनीक रोजमर्रा की छोटी परेशानियों के समाधान में भी इस्तेमाल की जा सकती है. फिलहाल यह एक अनोखा प्रोजेक्ट है, लेकिन इसका विचार बारिश में छाता इस्तेमाल करने के तरीके को जरूर अलग बना देता है.