उत्तराखंड की महिलाएं डिजिटल दुनिया में बढ़ा रहीं मजबूत कदम, मोबाइल यूज में 12% की जबरदस्त बढ़ोतरी
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की महिलाएं अब केवल घर और आजीविका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं. मोबाइल फोन और बैंकिंग सेवाओं तक बढ़ती पहुंच ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है.
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की महिलाएं अब केवल घर और आजीविका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं. मोबाइल फोन और बैंकिंग सेवाओं तक बढ़ती पहुंच ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है. हालिया आंकड़े बताते हैं कि तकनीक अब पहाड़ की महिलाओं के लिए सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सशक्तीकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुकी है.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के बीच मोबाइल फोन के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. वर्तमान में उत्तराखंड की 72 प्रतिशत महिलाएं मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रही हैं, जबकि कुछ सालों पहले यह आंकड़ा करीब 61 प्रतिशत था. यह बदलाव महिलाओं की डिजिटल जागरूकता और तकनीक तक बढ़ती पहुंच को दर्शाता है.
शहरों और गांवों में बढ़ी डिजिटल पहुंच
रिपोर्ट के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में 77.3 प्रतिशत महिलाओं के पास मोबाइल फोन है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 70.4 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. यह संकेत देता है कि डिजिटल संसाधनों का लाभ अब दूर-दराज के इलाकों तक भी पहुंच रहा है और महिलाएं नई तकनीकों को तेजी से अपना रही हैं.
सशक्तीकरण का नया माध्यम बना मोबाइल
मोबाइल फोन महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इसके जरिए महिलाएं जरूरी जानकारी प्राप्त कर रही हैं, ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा रही हैं और सामाजिक रूप से भी ज्यादा सक्रिय हो रही हैं. इससे उनके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में भी सुधार देखने को मिला है.
बैंकिंग सेवाओं तक बढ़ी पहुंच
सर्वेक्षण में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव सामने आया है. राज्य की 91 प्रतिशत महिलाओं के पास अब बैंक में बचत खाता है, जबकि कुछ साल पहले यह आंकड़ा 80.2 प्रतिशत था. बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच बढ़ने से महिलाओं को सरकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता का लाभ सीधे मिल रहा है.
पहाड़ों में बदल रही महिलाओं की तस्वीर
बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, 5G सेवाओं के विस्तार और स्वयं सहायता समूहों की सक्रियता ने महिलाओं के जीवन में नई संभावनाएं पैदा की हैं. आज कई महिलाएं स्थानीय उत्पादों के कारोबार से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं. यह बदलाव दर्शाता है कि उत्तराखंड की महिलाएं डिजिटल युग में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और विकास की नई कहानी लिख रही हैं.