उत्तराखंड में भारी बारिश से हालात बिगड़े, हल्द्वानी में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा
उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने फिर से लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गुरुवार को भी राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश और गरज-चमक का अनुमान है. मौसम विभाग ने नौ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
उत्तराखंड: उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने फिर से लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गुरुवार को भी राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश और गरज-चमक का अनुमान है. मौसम विभाग ने नौ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. हल्द्वानी में तो पिछले 24 घंटों में इतनी ज्यादा बारिश हुई कि दस साल का पुराना रिकॉर्ड टूट गया.
उत्तराखंड में भारी बारिश से हालात बिगड़े
हल्द्वानी शहर में 166 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इतनी भारी बारिश सितंबर महीने में पहले 2015 में हुई थी, जब 154 मिलीमीटर पानी गिरा था. इस बार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को काफी परेशानी हुई. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार सुबह से बारिश की यह लहर चल रही है. लगातार पानी गिरने से तापमान भी गिर गया है. हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहा.
हल्द्वानी में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा
आज अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कई जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं. आकाशीय बिजली चमकने का भी खतरा बना हुआ है. अल्मोड़ा में एहतियात के तौर पर 12वीं कक्षा तक के स्कूल बंद रखे गए हैं.
Also Read
भारी बारिश के कारण कोसी और रामगंगा नदियां उफान पर हैं. गौला नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और पुलों पर रील बनाने या फोटो खींचने से बचें. देहरादून का अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विभाग ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें. घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और आकाशीय बिजली से बचने के उपाय अपनाएं. तराई क्षेत्रों में ठंडक बढ़ गई है, इसलिए हल्के कपड़ों के साथ छाते और रेनकोट जरूर रखें.