उत्तराखंड में बनेगी नई टूरिज्म सिटी, बिलकेदार होगा स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन
उत्तराखंड सरकार पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी में है. नैनीताल के पटवाडांगर में इंटीग्रेटेड टूरिज्म सिटी और बिलकेदार में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन विकसित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है. इससे निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
उत्तराखंड सरकार राज्य में पर्यटन के नए अवसर तैयार करने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है. सरकार आधुनिक पर्यटन सुविधाओं और आध्यात्मिक पर्यटन को एक साथ विकसित करने की योजना पर काम कर रही है. इसी कड़ी में नैनीताल के पटवाडांगर में इंटीग्रेटेड टूरिज्म सिटी और श्रीनगर तहसील के बिलकेदार में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन विकसित किया जाएगा. इन दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य निवेश बढ़ाना, स्थानीय लोगों को रोजगार देना और पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है.
पटवाडांगर में बनेगी आधुनिक 'टूरिज्म सिटी'
पटवाडांगर में इंटीग्रेटेड 'टूरिज्म सिटी' विकसित करने की जिम्मेदारी उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड को सौंपी गई है. यह परियोजना करीब 80 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है. सरकार को उम्मीद है कि इसमें लगभग 600 करोड़ रुपये का निवेश आएगा. परियोजना के लिए निवेशकों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
लग्जरी सुविधाओं पर रहेगा खास फोकस
नई टूरिज्म सिटी में 200 से ज्यादा लग्जरी होटल विकसित करने की योजना है. इसके साथ चार और पांच सितारा होटल, रिसॉर्ट, स्पा, वेलनेस सेंटर, सम्मेलन केंद्र, प्रीमियम रेस्टोरेंट, विला, कॉटेज, एडवेंचर गतिविधियां और नेचर टूरिज्म से जुड़ी सुविधाएं भी तैयार की जाएंगी. अंतिम स्वरूप डीपीआर और सरकारी मंजूरी के बाद तय होगा.
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बिलकेदार बनेगा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र
सरकार ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन से जुड़े क्षेत्रों में आध्यात्मिक शहर बसाने की योजना पर भी काम कर रही है. इसी योजना के तहत श्रीनगर तहसील के बिलकेदार में पहला स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन विकसित किया जाएगा. इसके लिए मास्टर प्लान और परियोजना प्रबंधन से जुड़े कार्यों में तेजी लाई गई है.
धार्मिक पर्यटन से जुड़ेगी स्थानीय अर्थव्यवस्था
स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को योग, ध्यान, आयुर्वेद, वेलनेस और स्थानीय संस्कृति से जोड़ना है. चारधाम यात्रा मार्ग के पास स्थित बिलकेदार को ऐसा केंद्र बनाया जाएगा, जहां आने वाले श्रद्धालुओं से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, कृषि और सेवा क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिल सके.
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इन दोनों परियोजनाओं से निजी निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे. आधुनिक पर्यटन सुविधाओं और आध्यात्मिक केंद्रों के विकास से उत्तराखंड की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने के साथ राज्य की पहचान भी और मजबूत होगी.