उत्तराखंड में बारिश का तांडव, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा
उत्तराखंड में 18 अगस्त को देहरादून समेत पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 18 अगस्त को देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, उधम सिंह नगर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है. इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में येलो अलर्ट है.
मौसम विभाग के अनुसार बारिश के साथ कई स्थानों पर तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और मलबा खिसकने का खतरा भी बढ़ गया है. नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.
विकासनगर में सड़कों से लेकर दुकानों तक भरा पानी
बारिश का असर विकासनगर में साफ दिखाई दिया. सोमवार दोपहर से जारी मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई वार्डों में जलभराव हो गया. 28 फीता रोड, कॉलेज रोड, ओल्ड एक्सचेंज रोड, सैयद रोड, पंजाबी कॉलोनी और चर्च रोड समेत कई इलाकों में पानी जमा हो गया.
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दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सहारनपुर बस अड्डे के पास भी जलभराव के कारण आवाजाही प्रभावित हुई. बाजार की कई सड़कों पर पानी भरने से दुकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया. इससे कारोबारियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
ऋषिकेश में उफान पर पहाड़ी नदियां
ऋषिकेश में भारी बारिश के बाद चंद्रभागा और खारा स्रोत नदी उफान पर हैं. स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीमें दोनों स्थानों पर तैनात की गई हैं. नदी के पानी में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. वहीं, पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिरने के कारण कई सड़कों पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है. ऐसे में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
भारी बारिश की चेतावनी के बीच छात्र और अभिभावक स्कूल बंद होने की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि 18 अगस्त को पूरे उत्तराखंड में स्कूल बंद रखने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. स्थानीय प्रशासन मौसम की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में अलग से निर्णय ले सकता है.