उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, अब चार धाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को देनी होगी फीस, जानें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में कब से होगा बदलाव
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे के अनुसार फर्जी पंजीकरणों को रोकने के लिए कम से कम 10 रुपये का शुल्क लिया जाएगा. हालांकि अंतिम शुल्क समिति द्वारा अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने और सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही तय किया जाएगा.
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में शुल्क लगाने का फैसला किया है. यह कदम फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए उठाया गया है. गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि कम से कम 10 रुपये का शुल्क लग सकता है, लेकिन अंतिम राशि तय करने के लिए एक कमिटी गठित की गई है. यह कमिटी गढ़वाल डिवीजन के अपर कमिश्नर की अध्यक्षता में काम कर रही है. कमिटी की सिफारिशों के बाद सरकार से मंजूरी मिलने पर शुल्क फाइनल होगा.
अब चार धाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को देनी होगी फीस
चार धाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल से हो रही है. सबसे पहले यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुलेंगे. इसके बाद केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे. इस पवित्र यात्रा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. सरकार यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर खास ध्यान दे रही है.
भारत की सबसे महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थयात्राओं में से एक
चार धाम यात्रा भारत की सबसे महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थयात्राओं में से एक है. यह उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित चार पवित्र धामों—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—की यात्रा है. यमुनोत्री देवी यमुना को समर्पित है, गंगोत्री देवी गंगा को, केदारनाथ भगवान शिव को और बद्रीनाथ भगवान विष्णु को. लाखों श्रद्धालु हर साल इन धामों के दर्शन के लिए आते हैं.
शुल्क तय होने के बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हो जाएगी शुरू
पिछले सालों में फर्जी रजिस्ट्रेशन की समस्या बढ़ी थी, जिससे असली यात्री परेशान होते थे. इसलिए सरकार ने यह नया नियम लाया है. रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रहेगा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यात्रा सुचारू रूप से चले. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से यात्रियों की संख्या ट्रैक की जा सकेगी और बेहतर सुविधाएं जैसे भोजन, आवास और सुरक्षा प्रदान की जा सकेंगी. कमिटी जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और शुल्क तय होने के बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. श्रद्धालुओं को सलाह है कि आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराएं.
धार्मिक महत्व के अलावा यह यात्रा बर्फ से ढकी चोटियों, नदियों और घाटियों के मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती है. कठिन भूभाग और मौसम की चुनौतियों के बावजूद, हजारों तीर्थयात्री हर साल चार धाम यात्रा करते हैं, जो इसे एक गहन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव बनाती है.