सीएम धामी ने अपने सरकारी काफिले में 50 प्रतिशत कटौती के दिए निर्देश, कहा- पीएम मोदी की अपील देश हित में जरूरी
सीएम धामी ने कहा कि जब राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हो तो प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का कर्तव्य बनता है कि वह अपने स्तर पर संसाधन संरक्षण में योगदान दे.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान को राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण बताते हुए अपने आधिकारिक वाहन बेड़े में 50 प्रतिशत की कटौती के निर्देश दिए हैं. सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह आह्वान केवल ऊर्जा बचत तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक आत्मनिर्भर, सक्षम और जिम्मेदार भारत के निर्माण की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हो तो प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का कर्तव्य बनता है कि वह अपने स्तर पर संसाधन संरक्षण में योगदान दे. उन्होंने सरकारी तंत्र से लेकर आम लोगों तक सभी से ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल की अपील देशहित से जुड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि जब देश के सामने ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण जैसी चुनौतियां हों, तब हर नागरिक और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी बढ़ जाती है. इसी सोच के तहत उन्होंने अपने सरकारी काफिले में 50 प्रतिशत कटौती करने का निर्णय लिया है.
सरकारी मशीनरी को दिए स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों से अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचने को कहा है. उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और जरूरत के अनुसार ही सरकारी संसाधनों के उपयोग के निर्देश दिए. उनका कहना है कि छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े बदलाव की नींव तैयार करते हैं और इससे सरकारी खर्च में भी कमी आएगी.
ऊर्जा बचत को जनआंदोलन बनाने की तैयारी
धामी ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण को केवल सरकारी योजना तक सीमित नहीं रखा जाएगा. इसके लिए लोगों को जागरूक करने के अभियान भी चलाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग इस दिशा में योगदान दें, तो ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा. राज्य सरकार इस विषय को जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी कर रही है.
पर्यावरण और विकास दोनों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधनों की बचत केवल आर्थिक दृष्टि से ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण से भी सीधे जुड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है. सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की नीति पर काम कर रही है.
उत्तराखंड सरकार ने दिखाई प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ लागू करेगी. उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर ऐसे कदमों को लगातार बढ़ाया जाएगा ताकि आने वाले समय में संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सके. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे ऊर्जा संरक्षण को अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाएं.