उत्तराखंड में SIR अभियान ने पकड़ी रफ्तार, तीन दिन में 19 लाख मतदाताओं तक पहुंचे गणनापत्र
उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है. अभियान शुरु होने के तीन दिनों के अंदर लगभग 19 लाख मतदाताओं तक गणनापत्र पहुंच चुका है.
देहरादून: उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. अभियान के शुरुआती तीन दिनों में ही राज्यभर में लगभग 19 लाख मतदाताओं तक गणनापत्र पहुंचाए जा चुके हैं.
निर्वाचन विभाग के अनुसार, यह अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है. गणनापत्र वितरण के मामले में पर्वतीय जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया है. चंपावत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ इस अभियान में सबसे आगे चल रहे हैं. इन जिलों में बूथ स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की सक्रियता के कारण मतदाताओं तक तेजी से पहुंच बनाई गई है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की अभियान की समीक्षा
निर्वाचन अधिकारियों का मानना है कि इन जिलों का प्रदर्शन अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की प्रगति की समीक्षा की.
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बैठक के दौरान विभिन्न जिलों में गणनापत्र वितरण की स्थिति का आकलन किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए. समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कुछ जिलों में अभियान की गति अपेक्षाकृत धीमी है. इस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने और अधिक प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए.
24 प्रतिशत मतदाताओं तक पहुंचा गणना फॉर्म
राज्य के प्रमुख और अधिक आबादी वाले जिलों देहरादून, नैनीताल तथा ऊधमसिंह नगर में गणनापत्र वितरण की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इन जिलों की धीमी कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए. इसके अलावा उन्होंने बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) के साथ तैनात आईटी वालंटियर और बूथ अवेयरनेस ग्रुप की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि अब तक राज्य के करीब 24 प्रतिशत मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में सभी जिलों के समन्वित प्रयासों से यह आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा और अभियान अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करेगा.