पौड़ी के 50 सरकारी स्कूलों का होगा कायापलट, स्मार्ट बोर्ड से लैब तक मिलेंगी सुविधाएं
पौड़ी में 50 विद्यालयों के कायाकल्प की तैयारी शुरू हो गई है. प्रशासन ने पीएम पोषण, शिक्षा गुणवत्ता, बुनियादी सुविधाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा कर समयबद्ध सुधार तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर वातावरण पर जोर दिया है.
पौड़ी जिले में सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने की तैयारी है. जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में पहले चरण में 50 विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के निर्देश दिए. इनमें स्मार्ट बोर्ड, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल उपकरण और आरओ फिल्टर जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. बैठक में पीएम पोषण योजना के भोजन की गुणवत्ता, परीक्षा परिणाम, स्कूल ग्रेडिंग, निर्माण कार्य और विद्यालयों की मूलभूत जरूरतों पर भी चर्चा हुई. प्रशासन ने सभी योजनाओं को तय समय में पूरा करने पर जोर दिया.
50 स्कूलों का होगा कायाकल्प
विद्यालय रूपांतरण योजना के तहत छात्र संख्या के आधार पर 50 स्कूल चुने गए हैं. इन स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, झूले, खेल सामग्री और आरओ फिल्टर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. प्रशासन का लक्ष्य केवल भवन सुधारना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर सीखने का माहौल देना है. सभी विकासखंडों से ऐसे अन्य स्कूलों की सूची भी मांगी गई है, जहां उपलब्ध संसाधनों से प्रभावी बदलाव किया जा सके.
कम परिणाम वाले स्कूलों पर विशेष ध्यान
जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत से नीचे रहा है, उनका अलग से विश्लेषण किया जाएगा. कमजोर प्रदर्शन के कारण तलाशकर सुधार की योजना बनाई जाएगी. वहीं अच्छे परिणाम देने वाले स्कूलों की कार्यशैली को दूसरे विद्यालयों में अपनाया जाएगा. मासिक मूल्यांकन परीक्षाओं के जरिए बच्चों की तैयारी पर नजर रखी जाएगी. शिक्षकों को विद्यार्थियों की मदद के लिए मॉडल उत्तर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
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पीएम पोषण में गुणवत्ता पर जोर
जिले के 2309 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के तहत तय मेन्यू के अनुसार भोजन दिया जा रहा है. जिलाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए हर महीने कम से कम 15 स्कूलों का निरीक्षण करने को कहा है. कुछ स्कूलों में गैस कनेक्शन नहीं होने से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनने की जानकारी मिली. ऐसे स्कूलों की सूची बनाकर गैस कनेक्शन के प्रस्ताव मांगे गए हैं.
अधूरे निर्माण कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्वीकृत निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताई. शुरू हो चुके काम 31 अगस्त, अन्य लंबित कार्य 15 सितंबर और राज्य योजना के काम 30 सितंबर तक पूरे करने का लक्ष्य दिया गया है. आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूलों के लिए तत्काल मरम्मत और पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार होगा. अधिकारियों को कार्यों की प्रगति तस्वीरों के साथ देने तथा पूर्ण योजनाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा गया है.