7355 मीटर की ऊंचाई पर लहराया तिरंगा! ITBP के 23 हिमवीरों ने माउंट अबी गामिन फतह कर बनाया रिकॉर्ड

आईटीबीपी के 23 पर्वतारोहियों ने उत्तराखंड में 7,355 मीटर ऊंचे माउंट अबी गामिन पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा फहराया. उप कमांडेंट परीक्षित शाह के नेतृत्व में अभियान पूरा हुआ और उपलब्धि मां नंदा-सुनंदा को समर्पित की गई.

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Kuldeep Sharma

उत्तराखंड की ऊंची बर्फीली चोटियों पर एक बार फिर तिरंगे ने देश का गौरव बढ़ाया है. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के 23 हिमवीरों ने 7,355 मीटर ऊंचे माउंट अबी गामिन पर सफल चढ़ाई की. उप कमांडेंट परीक्षित शाह के नेतृत्व में पूरा हुआ यह अभियान आईटीबीपी के पर्वतारोहण कौशल की बड़ी उपलब्धि है.

7,355 मीटर की ऊंचाई पर लहराया तिरंगा

आईटीबीपी के पर्वतारोहण दल ने उत्तराखंड स्थित माउंट अबी गामिन की 7,355 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया. इस अभियान का नेतृत्व उप कमांडेंट परीक्षित शाह ने किया और उनके साथ बल के 23 हिमवीरों ने शिखर तक सफलतापूर्वक पहुंच बनाई. कठिन मौसम और ऊंचाई वाली परिस्थितियों के बीच पूरी की गई यह चढ़ाई आईटीबीपी के पर्वतारोहियों के प्रशिक्षण, धैर्य और उच्च पर्वतीय क्षमता को दर्शाती है.

 7 अगस्त को दिल्ली से शुरू हुआ था अभियान

आईटीबीपी का फोर्स-लेवल माउंटेनियरिंग एक्सपीडिशन-2026 आधिकारिक तौर पर 7 अगस्त को नई दिल्ली स्थित आईटीबीपी मुख्यालय से रवाना हुआ था. अभियान को बल के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. इस अभियान का उद्देश्य पर्वतारोहण में आईटीबीपी की परिचालन क्षमता को मजबूत करना और हिमवीरों के उच्च पर्वतीय कौशल को सामने लाना था. सफल चढ़ाई के बाद दल ने अपनी इस उपलब्धि से बल का नाम रोशन किया.


परीक्षित शाह ने मां नंदा-सुनंदा को समर्पित की सफलता

अभियान का नेतृत्व करने वाले नैनीताल निवासी उप कमांडेंट परीक्षित शाह ने माउंट अबी गामिन की चोटी पर हासिल सफलता को मां नंदा-सुनंदा को समर्पित किया. उन्होंने अभियान के दौरान देश की सुख-समृद्धि और लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की. उनके अनुसार, यह उपलब्धि केवल ऊंची चोटी तक पहुंचने की कोशिश नहीं थी, बल्कि कठिन परिस्थितियों में दृढ़ इच्छाशक्ति और आस्था के साथ आगे बढ़ने का अनुभव भी रहा.

मां नंदा-सुनंदा के दर्शन की तस्वीर भी आई सामने

अभियान के दौरान मां नंदा-सुनंदा के पवित्र दर्शन से जुड़ी तस्वीर भी सामने आई है. इस वजह से पर्वतारोहण अभियान की उपलब्धि के साथ धार्मिक आस्था का पहलू भी जुड़ गया. आईटीबीपी के लिए यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बल देश की कठिन और बर्फीली सीमाओं की सुरक्षा के साथ पर्वतीय अभियानों में लगातार अपनी क्षमता का प्रदर्शन करता रहा है. माउंट अबी गामिन पर तिरंगा फहराना इसी परंपरा की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है.