उत्तराखंड में बारिश थमने के बाद अधिकांश सड़कें खुलीं, कुछ मार्ग अभी भी बंद
उत्तराखंड में लगातार बारिश के बाद अब मौसम साफ होने लगा है. बारिश रुकने से राज्य के ज्यादातर रास्ते यातायात के लिए खुल गए हैं. लेकिन कुछ जगहों पर अभी भी समस्या बनी हुई है.
उत्तराखंड में लगातार बारिश के बाद अब मौसम साफ होने लगा है. बारिश रुकने से राज्य के ज्यादातर रास्ते यातायात के लिए खुल गए हैं. लेकिन कुछ जगहों पर अभी भी समस्या बनी हुई है. देहरादून में चार ग्रामीण सड़कें मलबे के कारण बंद हैं. पिथौरागढ़ में टनकपुर-तवाघाट नेशनल हाईवे तीन जगहों पर अवरुद्ध है. नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है.
उत्तराखंड में बारिश थमने के बाद अधिकांश सड़कें खुलीं
देहरादून जिले में शनिवार सुबह तक बारिश पूरी तरह थम गई. पहाड़ी इलाकों में मलबा आने से चार ग्रामीण मोटर मार्ग अभी भी यातायात के लिए बंद हैं. जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह 8:30 बजे की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 5.3 मिलीमीटर बारिश हुई. सबसे ज्यादा बारिश सहस्रधारा इलाके में 13 मिलीमीटर दर्ज की गई.
कुछ मार्ग अभी भी बंद
15 जून से अब तक बारिश और भूस्खलन के कारण जिले में कुल 643 मार्ग बंद हुए थे. इनमें से 639 मार्गों को खोल दिया गया है. सिर्फ चार ग्रामीण मार्ग अभी बाधित हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, मुख्य जिला मार्ग और अन्य महत्वपूर्ण सड़कों पर फिलहाल कोई रुकावट नहीं है. लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां बंद पड़े ग्रामीण मार्गों को जल्द खोलने के लिए काम कर रही हैं. इन्हें प्राथमिकता के आधार पर साफ किया जा रहा है.
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नदियों की स्थिति सामान्य बनी हुई है. गंगा, यमुना और टोंस नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे है. टोंस नदी का जलस्तर 644.40 मीटर, गंगा का 339.1 मीटर और यमुना का 454.17 मीटर दर्ज किया गया. जिले में पांच स्थानों पर जलभराव की समस्या बताई गई है. प्रशासन इन जगहों से पानी निकालने के लिए सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रहा है.
पिथौरागढ़ में टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर तीन जगहों पर रुकावट बनी हुई है. अधिकारी लगातार निगरानी रखे हुए हैं. मौसम साफ होने के साथ ही सड़कें खुलने का सिलसिला तेज हो गया है. यात्रियों और स्थानीय लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे बंद मार्गों की जानकारी लेकर ही यात्रा करें. प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी रास्ते पूरी तरह बहाल हो जाएं ताकि आम जनजीवन सामान्य हो सके.