उत्तराखंड में कमजोर पड़ा मानसून, मसूरी में कोहरा; विदाई से पहले बारिश के आसार

उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता फिलहाल कम हो गई है. मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप के कारण गर्मी और उमस परेशान कर रही है, जबकि कुमाऊं के कुछ हिस्सों में बारिश हुई है.

ANI
Shanu Sharma

उत्तराखंड में मानसून का असर अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है. मैदानी जिलों में दिन के समय धूप तेज होने से तापमान के साथ उमस भी बढ गई है. इसके उलट पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज कुछ अलग रहा. कुमाऊं के कई इलाकों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं.

मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में मानसून की वापसी का समय करीब आ रहा है. अगले दो से तीन दिनों के दौरान मानसून की विदाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की संभावना है. हालांकि, इससे पहले राज्य के कुछ स्थानों पर बारिश और तेज बौछारों का दौर देखने को मिल सकता है.

मसूरी में कोहरा, तापमान में आई गिरावट

राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को आसमान पर बादलों की आवाजाही बनी रही. पहाड़ी पर्यटन स्थल मसूरी में सुबह के समय कोहरा छाया रहा. कोहरे और बादलों के प्रभाव के चलते यहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा. कुमाऊं मंडल में भी सुबह के समय मौसम में बदलाव नजर आया. हल्द्वानी और रुद्रपुर में बादलों ने डेरा डाले रखा. वहीं पिथौरागढ में रात के दौरान बारिश हुई, जिसके बाद सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे.


नैनीताल में शुक्रवार को मौसम बाकी कई इलाकों से अलग रहा. यहां सुबह के बाद धूप खिली और मौसम साफ होने लगा. धूप निकलने के बावजूद वातावरण सुहावना बना रहा, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली. मौसम के इस बदलाव के बीच प्रदेश में मानसून की विदाई को लेकर भी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है. हालांकि, अगले कुछ दिनों तक कहीं-कहीं बारिश के दौर से इनकार नहीं किया गया है.

विदाई से पहले बौछारों का दौर संभव

मौसम विभाग के अनुसार मानसून के लौटने से पहले राज्य के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है. ऐसे में आने वाले दो-तीन दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे. मैदानी क्षेत्रों में जहां गर्मी और उमस बनी रह सकती है, वहीं पर्वतीय इलाकों में बादल और हल्की बारिश का असर देखने को मिल सकता है.