हरेला पर्व पर प्रदेशभर में चलेगा हरियाली का महाअभियान, 16 जुलाई को रोपे जाएंगे 12 लाख पौधे
हरेला पर्व के अवसर पर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी है. उद्यान विभाग 16 जुलाई को 11 लाख फलदार, सगंध और औषधीय पौधों के साथ एक लाख चाय के पौधों का रोपण करेगा.
हरेला पर्व के अवसर पर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी है. उद्यान विभाग 16 जुलाई को 11 लाख फलदार, सगंध और औषधीय पौधों के साथ एक लाख चाय के पौधों का रोपण करेगा. कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अभियान की सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं.
प्रदेश में प्रकृति पर्व हरेला के अवसर पर इस वर्ष व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा. उद्यान विभाग ने 16 जुलाई को प्रदेशभर में 11 लाख फलदार, सगंध और औषधीय प्रजातियों के पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके अलावा एक लाख चाय के पौधों का भी रोपण किया जाएगा.
समयबद्ध तैयारियों के दिए निर्देश
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को अपने कैंप कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अभियान की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं तय समय के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए. मंत्री ने कहा कि पौधारोपण अभियान को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए ताकि निर्धारित लक्ष्य आसानी से पूरा हो सके और लगाए गए पौधों का अधिकतम संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके.
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कृषि मंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा का व्यापक जन अभियान है. उन्होंने अधिकारियों से ऐसे पौधों का चयन करने को कहा जो जलस्रोतों के पुनर्जीवन, भूजल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में प्रभावी भूमिका निभाएं.
फलदार पौधों पर रहेगा विशेष जोर
बैठक में उद्यान विभाग को आम, अमरूद, लीची, अनार, नींबू, माल्टा और कटहल सहित विभिन्न फलदार पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. साथ ही पौधों के वितरण, रोपण और उनकी निगरानी की प्रभावी व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया ताकि पौधों की जीवित रहने की दर अधिक से अधिक बनी रहे.
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि पिछले वर्ष हरेला पर्व के दौरान नौ लाख से अधिक फलदार पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया गया था. इस वर्ष लक्ष्य बढ़ाकर 11 लाख पौधे कर दिया गया है. इसके साथ ही एक लाख चाय के पौधे भी लगाए जाएंगे. सरकार को उम्मीद है कि जनभागीदारी और विभिन्न विभागों के सहयोग से यह अभियान प्रदेश में हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. बैठक में सचिव कृषि एसएन पांडेय, निदेशक उद्यान आरके सिंह, निदेशक कृषि दिनेश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे.