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उत्तराखंड में राशन कार्ड का बड़ा क्लीनअप, 18,600 अपात्र कार्ड निरस्त; नए जरूरतमंदों को मिलेगा मौका

उत्तराखंड में 23.35 लाख से ज्यादा राशन कार्डों की जांच में 18,600 कार्ड अपात्र मिले. सरकारी नौकरी, बढ़ी आय और आयकर दाता बनने जैसे कारणों से कार्ड निरस्त किए गए.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
उत्तराखंड में राशन कार्ड का बड़ा क्लीनअप, 18,600 अपात्र कार्ड निरस्त; नए जरूरतमंदों को मिलेगा मौका
Courtesy: X

उत्तराखंड में सरकारी राशन व्यवस्था को सही करने के लिए खाद्य विभाग ने बड़े स्तर पर राशन कार्डों की जांच की. 28 अप्रैल से 29 जून तक चले आठ चरणों के अभियान में 23.35 लाख से ज्यादा कार्ड जांचे गए. इनमें 18,600 कार्ड ऐसे मिले, जिन पर अब राशन की सुविधा नहीं मिलनी चाहिए.

अपात्र परिवारों के राशन कार्ड हुए निरस्त

खाद्य विभाग की जांच में कई ऐसे परिवार सामने आए, जिनकी आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर हो चुकी थी. कुछ परिवारों में किसी सदस्य को सरकारी नौकरी मिल गई थी. वहीं कुछ की आय बढ़ चुकी थी. इसके अलावा कुछ कार्डधारक आयकर दाता की श्रेणी में भी आ चुके थे. इसके बावजूद उनके राशन कार्ड सक्रिय थे और वे मुफ्त या सब्सिडी वाले राशन का फायदा ले रहे थे. सत्यापन के दौरान ऐसे मामलों की पहचान की गई और कुल 18,600 अपात्र कार्ड निरस्त कर दिए गए. विभाग की इस कार्रवाई का मकसद सरकारी राशन की सुविधा को सही लोगों तक पहुंचाना है.

नए पात्र परिवारों के लिए बनेगी जगह

इस अभियान की सबसे बड़ी वजह नए जरूरतमंद परिवारों के राशन कार्ड बनाने में आ रही परेशानी थी. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उत्तराखंड में राशन कार्डों की संख्या एक तय सीमा के अनुसार है. ऐसे में नए पात्र परिवारों को कार्ड देने के लिए पहले से मौजूद अपात्र कार्डों को हटाना जरूरी है. लंबे समय से सूची में बने ऐसे कार्डों के कारण कई जरूरतमंद परिवार सरकारी राशन की सुविधा से बाहर रह जा रहे थे. अब 18,600 कार्ड हटने के बाद नए पात्र परिवारों के लिए जगह बनने की उम्मीद है. इससे राशन कार्ड की सूची को अधिक सही और जरूरत के अनुसार रखने में मदद मिलेगी.

आगे भी जारी रहेगा राशन कार्ड का सत्यापन

खाद्य विभाग के आयुक्त बंशीलाल राणा के अनुसार, राशन कार्डों की जांच का काम आगे भी जारी रहेगा. विभाग साल में एक-दो बार इस तरह का अभियान चलाता है, जिससे सूची में शामिल अपात्र लोगों की पहचान की जा सके. अन्य जरूरी सरकारी अभियानों का काम पूरा होने के बाद दोबारा बड़े स्तर पर सत्यापन किया जाएगा. इसका मतलब है कि 18,600 कार्डों का निरस्तीकरण अंतिम कार्रवाई नहीं है. सरकार आगे भी राशन कार्डों की सूची को समय-समय पर अपडेट करेगी, ताकि सरकारी राशन का लाभ उन्हीं परिवारों को मिले जो तय नियमों के अनुसार इसके हकदार हैं.