उत्तराखंड के जोशीमठ से आया नमाज का वीडियो, जानें क्या हुआ ऐसा कि फिर से सांप्रदायिक तनाव के बन रहे आसार
जोशीमठ में सरकारी भवन में नमाज अदा करने का वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर अपनी आपत्ति जताई है. सोशल मीडिया पर भी नमाज का वीडियो काफी जोर शोर से वायरल हो रहा है.
उत्तराखंड के जोशीमठ में मुस्लिमों के निर्माणाधीन भवन के अंदर नमाज अदा करने का वीडियो सामने आने के बाद सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय लोगों ने सरकारी भवन के अंदर नमाज पढ़ने पर गहरी नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि कैसे मुस्लिम समाज के लोग सरकारी इमारत में नमाज पढ़ सकते हैं और उनको ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है.
विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने नगरपालिका के निर्माणाधीन भवन के टीटी हॉल को सीज कर दिया है. किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए एहितियात के तौर पर ये एक्शन लिया गया है. नमाज का वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर अपनी आपत्ति जताई है. सोशल मीडिया पर भी नमाज का वीडियो काफी जोर शोर से वायरल हो रहा है.
बुधवार शाम का है नमाज पढ़ने का वीडियो
मीडिया रिपोर्ट्स में ये जानकारी दी गई है कि वीडियो बुधवार शाम का है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग नगरपालिका के निर्माणाधीन भवन में इकठ्ठा होकर नमाज अदा कर रहे हैं. जिस हॉल का ये वीडियो है.
वहां पर टेबल टेनिस का हॉल बनाया जा रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि कैसे इसके अंदर मुस्लिम समाज के कुछ लोग इकठ्ठा हुए. ये मामला काफी संवेदनशील हो रहा है. ऐसे में इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि
इससे जोशीमठ में हंगामा न हों.
नमाज अदा करने से स्थानीय लोग नाराज
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों में इस घटना से काफी अंसतोष फैला हुआ है. वो सवाल पूछ रहे हैं कि सरकारी इमारत में नमाज कैसे पढ़ी जा सकती है. वो पुलिस और प्रशासन दोनों से पूछ रहे हैं कि आखिर कैसे मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने इस तरह से नमाज पढ़ी. इसके साथ उनकी मांग है कि इसका बात का सत्यापन किया जाए कि नमाज पढ़ने वाले लोग कौन हैं और कैसे अचानक से इन लोगों का जमावड़ा हुआ.
दोनों समुदायों में मिलकर क्या लिया निर्णय?
नमाज पढ़ने का वीडियो सामने आने के बाद समुदाय के लोगों ने आपस में बैठकर बातचीत की. इसमें यह निर्णय लिया गया है कि अब निर्माणाधीन भवन के हॉल में नमाज नहीं अदा की जाएगी. इसके साथ ही किसी भी सरकारी भूमि पर ऐसा नहीं किया जाएगा.