हरिद्वार में ठेकेदार ने दोबारा काम पर रखने से किया इनकार, भड़के सफाईकर्मी ने की सुसाइड की कोशिश
हरिद्वार के जिला महिला अस्पताल में एक ठेका सफाईकर्मी ने दोबारा काम पर नहीं रखे जाने से नाराज होकर आत्मदाह की कोशिश की. वह सीएमएस कक्ष में ज्वलनशील पदार्थ लेकर पहुंचा था.
हरिद्वार में ठेकेदार द्वारा दोबारा काम पर रखने से इनकार करने से नाराज एक सफाईकर्मी ने जिला महिला अस्पताल में आत्मदाह की कोशिश की. वह ज्वलनशील पदार्थ लेकर अस्पताल के सीएमएस कक्ष में पहुंच गया और खुद पर पदार्थ छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया.
हालांकि कक्ष में मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों की सतर्कता से बड़ा हादसा होने से बच गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और सफाईकर्मी को हिरासत में ले लिया. बाद में उचित काउंसलिंग के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.
तीन साल पहले काम से हटाया गया
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल की मोर्चरी में ठेके पर सफाईकर्मी के रूप में काम करने वाले करण को वर्ष 2022-23 में तत्कालीन सीएमएस डॉ. सीपी त्रिपाठी के कार्यकाल के दौरान ठेकेदार ने काम से हटा दिया था. इसके बाद करीब तीन साल तक वह अस्पताल में काम नहीं कर रहा था. बताया गया कि करण कुछ समय से ठेकेदार से दोबारा काम पर रखने की मांग कर रहा था. ठेकेदार के इनकार करने के बाद वह नाराज हो गया और जिला महिला अस्पताल पहुंच गया.
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सीएमएस कक्ष में खुद पर छिड़का ज्वलनशील पदार्थ
सफाईकर्मी सीधे वर्तमान सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता के कक्ष में पहुंचा. वहां उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया और आग लगाने की कोशिश करने लगा. अचानक हुई इस घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई. कक्ष में मौजूद डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और आग लगाने से रोक दिया. कर्मचारियों की मुस्तैदी के कारण वह खुद को नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हो सका.
पुलिस ने हिरासत में लेकर परिजनों को सौंपा
सीएमएस ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी. शहर कोतवाली के एसएसआई नंद किशोर ग्वाड़ी के अनुसार, मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला युवक पुलिस हिरासत में लिया गया था. बाद में उसकी काउंसलिंग कराकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारी की स्थिति को लेकर भी जानकारी जुटाई गई. फिलहाल पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है.