कांवड़ यात्रा के बीच हरिद्वार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नकली करेंसी के साथ 4 आरोपी गिरफ्तार
कांवड़ यात्रा के दौरान चलाए जा रहे चेकिंग अभियान में हरिद्वार पुलिस ने पंजाब के चार आरोपियों को 84,500 रुपये की नकली मुद्रा के साथ गिरफ्तार किया. पुलिस अब पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर की तलाश में जुटी है.
हरिद्वार: कांवड़ यात्रा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के मद्देनजर हरिद्वार जनपद में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने नकली करेंसी के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है. कोतवाली नगर पुलिस ने पंजाब निवासी चार लोगों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 500 रुपये के 169 नकली नोट बरामद किए हैं. बरामद नकली मुद्रा की कुल कीमत 84,500 रुपये बताई गई है. पुलिस इस कार्रवाई को नकली करेंसी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है और अब पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर पूरे जिले में संदिग्ध व्यक्तियों और अवांछित गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. इसी अभियान के तहत 5 और 6 जुलाई की रात कोतवाली नगर पुलिस की टीम मेला अस्पताल क्षेत्र में गश्त और चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान चार लोग संदिग्ध परिस्थितियों में आते दिखाई दिए. पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे अचानक मुड़कर तेजी से जाने लगे. उनके इस व्यवहार ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया. पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिल्केश्वर तिराहे से टिबडी तिराहे की ओर चारों को घेरकर दबोच लिया.
तलाशी में बरामद हुए 169 नकली नोट
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों की तलाशी ली, जिसमें 500 रुपये के 169 नकली नोट बरामद हुए. बरामद नोटों की कुल कीमत 84,500 रुपये आंकी गई है. इसके बाद सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर कोतवाली नगर लाया गया, जहां उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने बरामद नोटों को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है.
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20 हजार रुपये में खरीदी थी एक लाख की नकली करेंसी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पंजाब के गुरदासपुर निवासी एक व्यक्ति से करीब 20 हजार रुपये देकर 500 रुपये के कुल 200 नकली नोट खरीदे थे. इन नोटों की कुल कीमत एक लाख रुपये थी. आरोपियों का इरादा इन नकली नोटों को असली मुद्रा की तरह बाजार में चलाकर अवैध लाभ कमाना था. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ नकली नोटों का इस्तेमाल बाजार में खरीदारी के दौरान किया जा चुका है. पुलिस अब उन दुकानों और स्थानों की पहचान करने में जुटी है जहां यह नकली मुद्रा चलाई गई.
मुख्य सप्लायर और पूरे नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. नकली नोट उपलब्ध कराने वाले मुख्य सप्लायर की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है. यह टीम पंजाब समेत अन्य संभावित स्थानों पर छापेमारी और जांच की तैयारी कर रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय या संगठित नकली करेंसी नेटवर्क से तो नहीं जुडे हैं.
केंद्रीय एजेंसियां भी हुईं सतर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों ने भी इस पूरे प्रकरण पर नजर रखनी शुरू कर दी है. बरामद नकली नोटों की गुणवत्ता, छपाई की तकनीक और उनके स्रोत की तकनीकी जांच कराई जाएगी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि नकली मुद्रा कहां तैयार की गई और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है. वहीं, गिरफ्तार चारों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस रिमांड के दौरान उनसे और पूछताछ कर पूरे गिरोह का खुलासा करने की तैयारी में है.