ऋषिकेश में गंगा की तेज धारा में फंसे 4 पर्यटक, जल पुलिस ने मौत के मुंह से निकाला बाहर
ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम घाट पर गंगा में नहाने गए हरियाणा के चार युवक तेज धारा में फंस गए. समय रहते मुनिकीरेती जल पुलिस ने मोटर बोट के जरिए रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
देहरादून: ऋषिकेश में मंगलवार को गंगा किनारे एक बड़ा हादसा टल गया. स्वर्गाश्रम घाट पर स्नान के दौरान हरियाणा से आए चार युवा पर्यटक नदी की तेज धारा में फंस गए, जिससे घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. युवकों की स्थिति देखकर श्रद्धालुओं की सांसें थम गई थीं. सूचना मिलते ही मुनिकीरेती जल पुलिस सक्रिय हुई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू अभियान चलाकर चारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस कार्रवाई ने एक संभावित हादसे को टाल दिया.
जानकारी के अनुसार चारों युवक दोपहर के समय स्वर्गाश्रम घाट पर स्नान कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने तैरकर गंगा पार करने का प्रयास किया. शुरुआत में सब सामान्य लगा, लेकिन नदी के बीच पहुंचते ही तेज बहाव और लंबी दूरी ने उनकी ताकत जवाब दे दी. कुछ ही देर में वे धारा के बीच फंस गए और खुद को संभालना मुश्किल हो गया.
मदद के लिए लगाई आवाज
जब युवकों को महसूस हुआ कि वे सुरक्षित किनारे तक नहीं पहुंच पाएंगे, तो उन्होंने जोर-जोर से मदद के लिए आवाज लगानी शुरू कर दी. घाट पर मौजूद लोगों ने उन्हें संघर्ष करते देखा तो चिंता बढ़ गई. कई लोगों ने तत्काल आसपास मौजूद लोगों को सतर्क किया और बचाव के लिए सूचना पहुंचाने का प्रयास शुरू किया.
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जल पुलिस ने दिखाई तत्परता
घटना की जानकारी मिलते ही गंगा के दूसरी ओर तैनात मुनिकीरेती जल पुलिस की टीम हरकत में आ गई. बिना समय गंवाए मोटर बोट को नदी में उतारा गया. तेज बहाव के बीच पुलिसकर्मी युवकों तक पहुंचे और पूरी सावधानी के साथ उन्हें एक-एक कर नाव में बैठाया. इस दौरान टीम ने धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया.
सुरक्षित बाहर निकाले गए पर्यटक
रेस्क्यू अभियान सफल होने के बाद चारों युवकों को सुरक्षित घाट पर लाया गया. बचाए गए युवकों की पहचान सुरेंद्र सिंह, नीतीश, आनंद और आजाद के रूप में हुई है. सभी हरियाणा के हिसार जिले के निवासी हैं और घूमने के लिए ऋषिकेश आए थे. सुरक्षित बाहर आने के बाद उनके चेहरों पर राहत साफ दिखाई दे रही थी.
कुछ मिनट की देरी पड़ सकती थी भारी
एसडीआरएफ से जुड़े अधिकारियों के अनुसार उस समय गंगा का बहाव काफी तेज था. यदि बचाव दल को मौके तक पहुंचने में थोड़ी भी देर हो जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी. अधिकारियों ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी में अनावश्यक जोखिम न उठाएं और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके.