मानसून से पहले वन्यजीवों की सुरक्षा, धामी सरकार का 'ऑपरेशन मानसून' शुरू

इस अभियान के तहत वन विभाग और पुलिस की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं. शिकारियों, वन्यजीव तस्करों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. जंगलों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं.

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देहरादून: उत्तराखंड में मानसून आने से पहले वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने 'ऑपरेशन मानसून' नाम से एक विशेष अभियान शुरू किया है. इसका मकसद जंगलों और वहां रहने वाले जानवरों को हर तरह के खतरे से बचाना है.

इस अभियान के तहत वन विभाग और पुलिस की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं. शिकारियों, वन्यजीव तस्करों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. जंगलों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं.

क्या-क्या होगा खास इस अभियान में?

सबसे पहले, कोर्बेट और राजाजी नेशनल पार्क में हाथियों की मदद से पेट्रोलिंग की जाएगी. हाथी जंगलों के अंदरूनी इलाकों में आसानी से घूम सकते हैं, जहां वाहन नहीं पहुंच पाते. इससे वन्यजीवों की रक्षा के साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा भी बढ़ेगी.


दूसरा बड़ा कदम है ड्रोन निगरानी 

अभियान के तहत 20 से ज्यादा ड्रोन लगातार जंगलों पर नजर रखेंगे. ये ड्रोन 24 घंटे काम करेंगे. खासकर घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में जहां पहुंचना मुश्किल है, वहां ड्रोन से निगरानी की जाएगी. इससे अवैध शिकार और आग लगाने जैसी घटनाओं को तुरंत पकड़ा जा सकेगा.

तीसरा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में संयुक्त गश्त का प्लान बनाया गया है. दोनों राज्यों की पुलिस और वन विभाग की टीमें साथ मिलकर काम करेंगी. इससे सीमावर्ती इलाकों में तस्करी और अवैध घुसपैठ पर अंकुश लगेगा. इसके अलावा जंगलों में खराब और दुर्गम रास्तों पर एटीवी (ऑल टेरेन वाहन) का इस्तेमाल किया जाएगा. इन वाहनों से जल्दी-जल्दी पहुंचकर मॉनिटरिंग की जा सकेगी.

सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वन्यजीवों की सुरक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा- 'मानसून के मौसम में जंगलों में कई चुनौतियां बढ़ जाती हैं. ऐसे में पहले से तैयारी करके हम वन्यजीवों को सुरक्षित रखना चाहते हैं.' यह अभियान न सिर्फ वन्यजीवों की रक्षा करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती देगा. उत्तराखंड में बाघ, हाथी, हिरण और कई दुर्लभ प्रजातियों के जानवर रहते हैं. इनकी सुरक्षा से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.