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'मां-बाप की हत्या जैसा महापाप', बद्रीनाथ चढ़ावा मामले में बोले सीएम धामी, कहा-दोषियों को नहीं छोड़ेंगे

हरिद्वार में मोरारी बापू की रामकथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ANI
Reepu Kumari

हरिद्वार में मोरारी बापू की रामकथा के समापन कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले पर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे की चोरी करना मां-बाप और गौ हत्या जैसा महापाप है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह अपराध किसी भी स्थिति में क्षमा योग्य नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है. ऐसे पवित्र स्थलों की गरिमा बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि की आध्यात्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए लगातार कठोर फैसले लेती रहेगी.

चढ़ावा हेराफेरी पर दोषियों को नहीं मिलेगी राहत

मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी के मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी है. साथ ही मंदिरों के बेहतर प्रबंधन और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जांच समिति का गठन भी कर दिया गया है. समिति अपनी रिपोर्ट के आधार पर आगे के सुझाव देगी.


देवभूमि की अस्मिता बचाने का दोहराया संकल्प

रामकथा के मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से है. उन्होंने कहा कि मुख्य सेवक होने के नाते उनकी जिम्मेदारी है कि देवभूमि की गरिमा किसी भी परिस्थिति में प्रभावित न होने पाए. उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी ऐसे सभी प्रयास जारी रखेगी, जिनसे प्रदेश की आस्था और पहचान सुरक्षित रहे.

धर्मांतरण और समान नागरिक संहिता का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में छल-कपट के जरिए होने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है. उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है. उनके अनुसार, जिस तरह गंगोत्री से निकलने वाली गंगा पूरे देश को जीवन देती है, उसी तरह समान नागरिक संहिता भी देश के लिए प्रेरणा बनेगी.

ज्ञान और शिक्षा के केंद्र विकसित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देवभूमि में सकारात्मक और राष्ट्रहित की सोच को बढ़ावा देना है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिक्षा और ज्ञान के नए केंद्र विकसित किए जा रहे हैं. इसी दिशा में दून विश्वविद्यालय में स्टडीज फॉर हिंदू की स्थापना भी की गई है. उन्होंने कहा कि राज्य का उद्देश्य समाज को शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों से मजबूत बनाना है.

भारत की संस्कृति को बताया विश्व के लिए संदेश

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्से हिंसा और संघर्ष से जूझ रहे हैं, जबकि भारत की सनातन संस्कृति 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश देती है. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत ने 100 से अधिक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराकर मानवता की सेवा का उदाहरण पेश किया. आज भी वैश्विक संकट के समय दुनिया भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखती है.