हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं को मिली नई रफ्तार, सीएम धामी ने किया भूमि पूजन और शिलान्यास

हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 235 करोड रुपये से अधिक लागत की गंगा कॉरिडोर से जुडी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया. इन योजनाओं से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन को नई गति मिलेगी.

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Kanhaiya Kumar Jha

देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोडने की दिशा में लगातार काम कर रही है. इसी कडी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में 235 करोड रुपये से अधिक लागत वाली गंगा कॉरिडोर से जुडी तीन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया. इन परियोजनाओं का उद्देश्य हरिद्वार आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देना है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां हर वर्ष देश और विदेश से करोडों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में यात्रियों की सुविधा, सुगम आवागमन और बेहतर आधारभूत ढांचे का विकास सरकार की प्राथमिकता है. गंगा कॉरिडोर से जुडी नई परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.


पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

सरकार का मानना है कि इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद हरिद्वार का पर्यटन और अधिक सशक्त होगा. इससे स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय, परिवहन और छोटे कारोबारों को भी नया अवसर मिलेगा. धार्मिक पर्यटन के विस्तार से रोजगार के नए साधन विकसित होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

आस्था और विकास का होगा समन्वय

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ आगे बढ़ा रही है. गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं में आधुनिक सुविधाओं के साथ हरिद्वार की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को सुरक्षित रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. इससे आने वाली पीढियों को भी इस धरोहर का लाभ मिल सकेगा.

राज्य सरकार की प्राथमिकता में धार्मिक स्थल

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम सहित सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों का चरणबद्ध विकास किया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है. हरिद्वार की नई परियोजनाएं इसी व्यापक विकास योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके पूरा होने से शहर की पहचान और अधिक मजबूत होगी.