'उत्तराखंड और पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति', भारत के दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर सीएम धामी ने जताया दुख
भारत के दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनके जाने से खेल जगत में शोक की लहर है. नेताओं, खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने इसे देश की बड़ी क्षति बताया.
भारतीय खेल जगत से शुक्रवार को एक ऐसी खबर आई जिसने लाखों खेल प्रेमियों को भावुक कर दिया. देश के दिग्गज निशानेबाज और पद्मश्री सम्मानित जसपाल राणा का नई दिल्ली में निधन हो गया. महज 49 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली. बताया गया कि विदेश यात्रा से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी,जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.उनके निधन के साथ भारतीय निशानेबाजी ने अपना एक ऐसा चेहरा खो दिया,जिसने दशकों तक देश का नाम रोशन किया.
रिकॉर्ड्स से भरा रहा शानदार सफर
जसपाल राणा का नाम भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है.उन्होंने अपने खेल जीवन में कई ऐसे कीर्तिमान बनाए,जिन्हें आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है.कॉमनवेल्थ खेलों में नौ स्वर्ण पदक जीतना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा. उनकी सटीक निशानेबाजी और दबाव में भी शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई. खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उन्होंने उस दौर में भारत को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया जब निशानेबाजी को उतनी लोकप्रियता नहीं मिलती थी जितनी आज दिखाई देती है.
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नई पीढ़ी के लिए बने प्रेरणा स्रोत
जसपाल राणा केवल एक सफल खिलाड़ी ही नहीं थे बल्कि युवा प्रतिभाओं के मार्गदर्शक भी थे. खेल के प्रति उनका समर्पण और अनुशासन कई खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना. उन्होंने अपने अनुभव और ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का लगातार प्रयास किया.खेल जगत में उनसे जुड़े लोग बताते हैं कि वे हमेशा उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते थे. यही कारण है कि उनकी पहचान केवल पदकों तक सीमित नहीं रही बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में बनी जिसने भारतीय खेल संस्कृति को मजबूत करने में योगदान दिया.
नेताओं ने जताया गहरा दुख
जसपाल राणा के निधन की खबर सामने आते ही विभिन्न क्षेत्रों से शोक संदेश आने लगे. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन को राज्य और देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी उपलब्धियों से भारत को विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया. मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को हमेशा याद किए जाने योग्य बताया. वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि खेल जगत में उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा.दोनों नेताओं ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.
खेल जगत को छोड़ गए बड़ी विरासत
जसपाल राणा के निधन के साथ भारतीय खेल जगत का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया है. हालांकि उनके द्वारा स्थापित मानक और उपलब्धियां आने वाले वर्षों तक खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेंगी. उन्होंने यह साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और समर्पण के बल पर विश्व मंच पर सफलता हासिल की जा सकती है.आज उनके प्रशंसक, साथी खिलाड़ी और खेल प्रेमी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.उनका जीवन संघर्ष, उपलब्धि और देशभक्ति की ऐसी कहानी है जिसे भारतीय खेल इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा.