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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घी संक्रांति पर्व की दी शुभकामनाएं

घी संक्रांति उत्तराखंड की लोक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग है. यह पर्व पारंपरिक रूप से मनाया जाता है और इसमें घी का विशेष महत्व होता है. लोग इस दिन अपने घरों में विशेष व्यंजन बनाते हैं और देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं. यह त्योहार न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देता है.

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देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में मनाए जाने वाले लोकपर्व घी संक्रांति, जिसे घ्यू त्यार या ओल्गिया त्यार भी कहा जाता है, पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं व्यक्त कीं.

CM धामी ने घी संक्रांति पर्व की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोक परंपराएं और पर्व समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं. ये पर्व हमें अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ते हैं. साथ ही ये अमूल्य परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम भी करते हैं. उन्होंने ईष्ट देवी-देवताओं से प्रार्थना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए. परिवारों में खुशहाली बनी रहे.


घी संक्रांति उत्तराखंड की लोक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग है. यह पर्व पारंपरिक रूप से मनाया जाता है और इसमें घी का विशेष महत्व होता है. लोग इस दिन अपने घरों में विशेष व्यंजन बनाते हैं और देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं. यह त्योहार न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देता है.

मुख्यमंत्री के इस संदेश में प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने का आह्वान साफ झलकता है. उन्होंने जोर दिया कि ऐसी लोक परंपराएं युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में मदद करती हैं. आज के समय में जब आधुनिकता का प्रभाव बढ़ रहा है, तब इन पर्वों का महत्व और भी बढ़ जाता है. ये हमें याद दिलाते हैं कि हमारी पहचान हमारी संस्कृति और परंपराओं में बसती है.

उत्तराखंड सरकार लगातार प्रदेश की लोक संस्कृति और पर्वों को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री धामी का यह संदेश इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है. उन्होंने कामना की कि घी संक्रांति का यह पावन अवसर सभी प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियां लाए. परिवारों में आपसी प्रेम और सद्भाव बना रहे.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईश्वर सभी की मनोकामनाएं पूरी करें. सुख-शांति और समृद्धि का संचार हो. उत्तराखंड की जनता इन लोकपर्वों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे. आने वाली पीढ़ियां भी इन परंपराओं को गर्व के साथ अपनाएं.