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Chardham Yatra Update: बद्रीनाथ में अब श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे वीडियो रिकॉर्डिंग, नियम तोड़ने पर भरना पड़ेगा भारी जुर्माना

बद्रीनाथ धाम में नए नियम लागू, मंदिर परिसर में फोटो और वीडियो पर प्रतिबंध, 5000 रुपये जुर्माना लगेगा. कपड़े के जूते पहनने की सलाह, दर्शन के लिए स्लॉट सिस्टम और टोकन व्यवस्था लागू होगी. श्रद्धालुओं को इसका पालन करना होगा.

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Anvi Shukla

Chardham Yatra Update: चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने बद्रीनाथ धाम में इस बार कई नए नियम लागू किए हैं. मंदिर परिसर में वीडियो कॉलिंग और फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. यदि कोई श्रद्धालु इस नियम का उल्लंघन करता है तो उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी की अध्यक्षता में यात्रा को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई. इसमें संबंधित अधिकारियों और यात्रा से जुड़े हितधारकों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

क्या पेहेन के जा सकते है धाम में?

बैठक में तय किया गया कि श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में कपड़े के जूते और मोटी जुराब पहनने के लिए प्रेरित किया जाएगा. होटल मालिकों को इन वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, साकेत तिराहे पर एक विशेष जूता स्टैंड बनाया जाएगा ताकि परिसर के आसपास गंदगी न फैले.

मंदिर के पास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रसाद की दुकानों पर भी सख्ती बरती जाएगी. बीकेटीसी के सीईओ विजय थपलियाल ने बताया कि केवल पुराने दुकानदारों को ही दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी और एक परिवार से केवल एक सदस्य को दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी. इसके अलावा कुछ स्थानों पर दुकान लगाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा.

बैरिकेडिंग व्यवस्था

पाण्डुकेश्वर में पुलिस बैरिकेडिंग व्यवस्था को सरल बनाया गया है. हालांकि स्थानीय लोगों की चेकिंग नहीं की जाएगी लेकिन होटल मालिकों को अपनी बुकिंग वाली गाड़ियों के लिए अनिवार्य रूप से पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी. यदि व्यवस्था नहीं पाई गई तो चालान की कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा, सभी होटलों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अनिवार्य कर दिए गए हैं.

दर्शन के लिए टोकन सिस्टम

यात्रियों की सुविधा के लिए होटलों में 13 भाषाओं में स्वास्थ्य सलाह के क्यूआर कोड लगाए जाएंगे. वहीं, दर्शन को सुचारू बनाने के लिए इस बार टोकन सिस्टम लागू किया गया है. यात्रियों को समय अनुसार दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा और विभिन्न स्थानों पर टोकन चेकिंग की जाएगी.