पशुपालक ने कोतवाली में खाया जहर, भैंस चोरी केस में कार्रवाई न होने से था नाराज; मचा हड़कंप
रुद्रपुर के एक पशुपालक ने भैंस चोरी मामले में कार्रवाई से नाराज होकर गदरपुर कोतवाली परिसर में जहरीला पदार्थ खा लिया. गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
देहरादून: उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर में मंगलवार को एक ऐसी घटना हुई जिसने पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों को झकझोर दिया. भैंस चोरी के मामले में कार्रवाई से असंतुष्ट एक पशुपालक ने कोतवाली परिसर में ही जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया. घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया. मामले ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पीड़ितों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है.
ग्राम बमनपुरी निवासी राजेंद्र सिंह की कुछ समय पहले तीन भैंसें चोरी हो गई थीं. चोरी की घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की और लगातार कार्रवाई की मांग करते रहे. पुलिस ने कुछ लोगों की गिरफ्तारी और एक वाहन बरामद करने का दावा किया, लेकिन राजेंद्र सिंह का कहना था कि मामले में उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिल पाया.
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित ने पूर्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजकर कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे. उनका कहना था कि आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन पर समझौते का दबाव बनाया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. इन आरोपों के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया था.
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लंबे समय से था असंतोष
जानकारी के अनुसार राजेंद्र सिंह लंबे समय से मामले की पैरवी कर रहे थे. उन्हें उम्मीद थी कि उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई होगी, लेकिन कथित रूप से अपेक्षित परिणाम न मिलने से वह निराश हो गए. बताया जा रहा है कि इसी मानसिक तनाव और उपेक्षा की भावना के चलते उन्होंने कोतवाली परिसर में यह कदम उठाया.
कोतवाली में मचा हड़कंप
जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी मिलते ही कोतवाली परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने तत्काल उन्हें संभाला और इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. फिलहाल उनका उपचार जारी है.
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उनका कहना है कि यदि किसी पीड़ित को न्याय मिलने का भरोसा नहीं रहेगा तो ऐसी घटनाएं चिंता का विषय बन सकती हैं. अब सभी की नजर प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.