मेहर के विवाद ने ली दुल्हन के पिता की जान, भड़के परिजनों ने बरातियों को बनाया बंधक; जान बचाने के लिए छत से कूदे लोग

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के खटीमा में उत्तर प्रदेश के फरीदपुर से आई एक बरात में मेहर की रकम को लेकर हुए विवाद के बीच दुल्हन के पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई. इसके बाद गुस्साए परिजनों ने बरातियों को बंधक बनाकर उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी.

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Kanhaiya Kumar Jha

देहरादून: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के खटीमा में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर से आई एक बरात में मेहर की धनराशि को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. यह विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि तनाव और सदमे के कारण दुल्हन के बुजुर्ग पिता को दिल का दौरा पड़ गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

जानकारी के मुताबिक इस्लामनगर के वार्ड संख्या सात के रहने वाले सादिक हुसैन की सुपुत्री निकहत का निकाह फरीदपुर निवासी मोहम्मद आरिफ के साथ बड़े ही अरमानों से तय हुआ था. तय कार्यक्रम के मुताबिक रविवार की देर शाम दूल्हा आरिफ अपने परिवार और बरातियों के साथ इस्लामनगर के एक मैरिज हॉल में गाजे-बाजे के साथ पहुंचा था. शुरुआत में बरातियों का भव्य स्वागत सत्कार किया गया और सभी ने मिलकर भोजन का आनंद भी लिया.

मेहर की रकम पर अड़े दोनों पक्ष

विवाद की शुरुआत निकाह की रस्में शुरू होने के ठीक पहले मेहर की रकम तय करने के दौरान हुई. दुल्हन पक्ष के लोग सामाजिक प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए मेहर की राशि पांच लाख रुपये नकद तय करने की मांग पर पूरी तरह अड़ गए. वहीं दूसरी ओर, दूल्हा पक्ष के लोग केवल 21 हजार रुपये मेहर देने की बात पर अड़े रहे. दोनों पक्षों में से कोई भी झुकने को तैयार नहीं था, जिससे वहां मौजूद लोगों के बीच कहासुनी और तनाव तेजी से बढ़ता चला गया.

पिता की मौत से भड़का परिजनों का गुस्सा

हंगामे के बीच दुल्हन के 65 वर्षीय पिता सादिक हुसैन के सीने में अचानक तेज दर्द उठा और वे जमीन पर गिर पड़े. आनन-फानन में उन्हें कस्बे के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मौत की खबर जैसे ही मैरिज हॉल पहुंची, वहां कोहराम मच गया. आक्रोशित दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे आरिफ, उसके भाइयों और बरातियों पर लाठी-डंडों से सीधा हमला बोल दिया.

बरातियों ने छत से कूदकर बचाई अपनी जान

गुस्साए लोगों का उग्र रूप देखकर मैरिज हॉल में अफरा-तफरी मच गई. अपनी जान बचाने के लिए कई बरातियों ने हॉल की ऊंची छत से नीचे छलांग लगा दी. गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ. बाद में स्थानीय लोगों ने बचे हुए बरातियों को बंधक बना लिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाल विजेंद्र शाह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बंधकों को छुड़ाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. दोनों पक्षों में देर रात तक वार्ता जारी रही.