स्कूल बंद... 5 सड़कें ठप, बागेश्वर में मूसलाधार बारिश का कहर; सरयू-गोमती का बढ़ा जलस्तर

बागेश्वर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है. सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. पांच मोटर मार्ग बंद हैं और स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है.

Chatgpt (Representative image)
Km Jaya

बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. सोमवार देर रात से शुरू हुई तेज बारिश का असर मंगलवार सुबह साफ दिखाई दिया. भारी वर्षा के चलते प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है. साथ ही लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की गई है.

लगातार बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियां सरयू और गोमती उफान पर हैं. दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और चेतावनी स्तर के करीब पहुंच रहा है. मंगलवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर 866.90 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका चेतावनी स्तर 869.70 मीटर और खतरे का स्तर 870.70 मीटर है. वहीं गोमती नदी का जलस्तर 863.85 मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जिसमें लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. प्रशासन नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है.

कैसी है वहां की स्थिति?

बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं भी सामने आई हैं. इसके चलते बागेश्वर जनपद के पांच मोटर मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे कई गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है. संबंधित विभाग सड़कें खोलने के लिए मशीनों के साथ राहत और बहाली कार्य में जुटा हुआ है.


मंगलवार सुबह पांच बजे तक प्राप्त वर्षा के आंकड़ों के अनुसार बागेश्वर में 48 मिमी, गरुड़ में 40 मिमी और कपकोट में 53 मिमी बारिश दर्ज की गई है. पूरे जिले में औसत वर्षा 47 मिमी रिकॉर्ड की गई है. लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है.

मौसम विभाग ने क्या बताया?

गरुड़ स्थित बैजनाथ बैराज का तालाब स्तर 1112.900 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 616.86 क्यूसेक रहा. मौसम विभाग ने जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है. प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. अधिकारियों ने लोगों से मौसम की चेतावनियों का पालन करने, नदी किनारे नहीं जाने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है.