बर्फ की सफेद चादर से ढका बद्रीनाथ मंदिर, चमोली में भारी बर्फबारी; देखें वीडियो

उत्तर भारत में गर्मी आने से पहले बारिश और बर्फबारी ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है. पहाड़ घुमने पहुंचे पर्यटक अब वहीं फंस चुके हैं.

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Shanu Sharma

उत्तर भारत में गर्मी की शुरुआत से पहले बारिश और बर्फबारी की खबर सामने आ रही है. इसके कारण लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. रविवार की रात की जगहों पर बारिश हुई, जिसके कारण पर्यटक और स्थानीय लोग मुश्किल में फंस गए. उत्तराखंड  के चमोली जिले के ऊंचे इलाकों में लगातार बर्फ गिर रही है.

सोशल मीडिया पर नजर आ रहे वीडियो में बद्रीनाथ मंदिर का पूरा परिसर मोटी बर्फ से ढका नजर आ रहा है. श्री बद्रीनाथ धाम अब सफेद सुंदर नजारा पेश कर रहा है. आसपास के नीलकंठ और नारायण पर्वत भी बर्फ से चमक रहे हैं. वहीं तापमान में तेज गिरावट देखने को मिला है.

बर्फ की मोटी चादर से ढका मंदिर

इससे पहले जनवरी में केदारनाथ में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी. तब मंदिर 3-4 फीट बर्फ से ढका था और तापमान -16 डिग्री तक गिर गया था. कश्मीर घाटी के ज्यादातर ऊंचे इलाकों में भी हल्की से भारी बर्फबारी हुई है. मैदानी इलाकों में जोरदार बारिश के कारण पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मुगल रोड पर पीर की गली, जोजिला दर्रा, गुरेज घाटी, साधना टॉप और सिंथन टॉप जैसे दर्रों पर बर्फ का मोटा लेयर जम गया है. साधना टॉप पर 12 इंच से ज्यादा ताजा बर्फ गिरी, सिंथन टॉप पर करीब 6 इंच बर्फबारी हुई. बर्फबारी के कारण कई गाड़ियां फंस गईं. मुश्किल बढ़ने के कारण सिंथन टॉप के पास रविवार रात पुलिस और सेना ने मिलकर बचाव अभियान चलाया. 

लोगों की मदद में जुटी पुलिस  

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 214 पर्यटकों और स्थानीय लोगों को इस जगह से सुरक्षित निकाल लिया गया है. गुरेज-बांदीपोरा रोड, सिंथन-किश्तवाड़ रोड और मुगल रोड बंद हो गई हैं. मुगल रोड जम्मू-कश्मीर को जोड़ने का महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग है. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में अटल सुरंग के दक्षिणी छोर के पास अचानक बर्फबारी हुई. जिसके कारण 1,000 से ज्यादा गाड़ियां फंस गईं.

पुलिस ने बताया कि पिछले कई घंटों से बड़े पैमाने पर बचाव कार्य चल रहा है. जलोरी पास पर 40-50 पर्यटक फंसे थे. बंजार पुलिस ने दो दर्जन पर्यटकों को बचा लिया. बाकी लोगों के लिए अभियान जारी है. पुलिस ने सीमा सड़क संगठन से मदद मांगी है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी है. ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश संभव है.