Yogi Cabinet Expansion 2026: मनोज पांडे-पूजा पाल बन सकते हैं मंत्री, दलित और ब्राह्मण समीकरण पर फोकस

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार रविवार को कैबिनेट विस्तार कर सकती है. मनोज पांडे, पूजा पाल, भूपेंद्र चौधरी समेत कई नेताओं के मंत्री बनने की चर्चा तेज है. दलित, ब्राह्मण और महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भाजपा का जोर.

ANI
Dhiraj Kumar Dhillon

बिहार और बंगाल को सेटल करने के बाद अब उत्तर प्रदेश की बारी है. करीब छह माह से टल रहे यूपी केबिनेट विस्तार की तारीख आ गई है. रविवार को यूपी केबिनेट का विस्तार होगा. दरअसल यूपी विधानसभा इलेक्शन से पहले यूपी केबिनेट का विस्तार का सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने के लिए जरूरी माना जा रहा है. सियासी जानकारों के मुताबिक इस विस्तार से वेस्ट यूपी को साधने का प्रयास किया जाएगा तो साथ ही जाट समाज, ब्राहमण समाज और कुछ पिछड़े वर्गों को साधने का भी प्रयास होगा. माना यह भी जा रहा है कि महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष को घेरने वाली बीजेपी इस मंत्रिमंडल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने का भी प्रयास करेगी. 

भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय और पूजा पाल का नाम चर्चा में

समाजवादी पार्टी के बागियों मनोज पांडेय और पूजा पाल को इस विस्तार में केबिनेट में जगह मिलने की संभावना है. इसके अलावा सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए नाई समाज से रामचंद्र प्रधान, विश्वकर्मा समाज से वाराणसी से एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. इसके साथ ही जाट समाज और वेस्ट यूपी को साधने के लिए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को केबिनेट में जगह मिलनी तय मानी जा रही है. 

एके शर्मा की हो सकती है छुट्टी, श्रीकांत को मिलेगी जगह

ब्राहमण समाज से श्रीकांत शर्मा को केबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद है. चर्चा इस बात की भी है कि श्रीकांत शर्मा को ऊर्जा मंत्री बनाया जा सकता है. दरअसल यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर की लांचिंग के दौरान सरकार की जो भद्द पिटी है, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को कुर्सी से हटाकर सरकार उसकी भरपाई करने का प्रयास कर सकती है. बता दें कि श्रीकांत शर्मा योगी सरकार की पहली केबिनेट में ऊर्जा मंत्री रहे हैं. प्रीपेड स्मार्ट मीटर लांच किए जाने से सूबे में जो आक्रोश भड़का है, उसे लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ खासा नाराज बताया जा रहा है.

मंत्रिमंडल में नए चेहरों के साथ प्रमोशन भी होगा

सामाजिक समीकरण साधने के लिए गोविंद नारायण शुक्ला और कृष्णा पासवान को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. इसके साथ ही असीम अरुण, दयाशंकर सिंह, जेपीएस राठौर और दिनेश प्रताप सिंह को प्रमोशन मिलने की उम्मीद है, यानी इन राज्यमंत्रियों के केबिनेट मंत्री बनाए जाने की चर्चा है. 

छह मंत्री बढ़ाए जाने की उम्मीद है

यूपी मंत्रिमंडल में फिलहाल 54 मंत्री हैं, सूबे में कुल 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं. यूपी विधानसभा इलेक्शन 2027 नजदीक है, इसलिए सरकार अधिक से अधिक लोगों को समायोजित करने का प्रयास करेगी, ऐसे में छह नए मंत्री बनाए जाने की संभावना है. कुछ के पोर्टफोलियो बदले जाएंगे तो कईयों का प्रमोशन भी होगा और सरकार से संगठन में भी भेजा जाएगा. योगी मंत्रिमंडल में फिलहाल बेबीरानी मोर्या और गुलाबो देवी समेत 8 मंत्री दलित समाज से हैं, गुलाबो देवी को भी क‌ेबिनेट में जगह मिल सकती है, इसके साथ ही कुछ और महिलाओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है.